BREAKING:
September 16 2026 04:37 pm

दिशा सालियान के पिता का छलका दर्द, नेताओं और झूठी अफवाहों पर फूटा गुस्सा

Post

दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व टैलेंट मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है। साल 2020 में मुंबई के मलाड स्थित एक बहुमंजिला इमारत से गिरकर हुई दिशा की असामयिक और दर्दनाक मौत को लेकर उनके परिवार का जख्म आज भी उतना ही हरा है। घटना के सालों बीत जाने के बाद भी दिशा के नाम पर जारी बयानबाजियों और राजनीतिक रोटियां सेकने की कोशिशों से आहत उनके पिता सतीश सालियान का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है।

अपनी दिवंगत बेटी के चरित्र को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर गढ़े जा रहे बेबुनियाद दावों पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए सतीश सालियान का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्होंने बेहद भारी मन और आंसुओं के बीच तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस तरह कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए उनकी मृत बेटी की गरिमा और सम्मान को तार-तार किया है, कुदरत एक दिन उनका भी वैसा ही हिसाब करेगी और उनकी इज्जत भी इसी तरह छीनी जाएगी।

'मेरी बेटी इस दुनिया में नहीं, फिर भी उसकी छवि बिगाड़ रहे': पिता का दर्द

दिशा सालियान के पिता ने अपनी असहनीय पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि एक माता-पिता के लिए अपनी जवान और होनहार बेटी को खोने से बड़ा कोई दुख नहीं हो सकता। इसके बावजूद कुछ रसूखदार लोग और नेता लगातार अपनी राजनीति चमकाने के लिए उनकी बेटी को लेकर मनगढ़ंत और झूठी कहानियां गढ़ रहे हैं।

सतीश सालियान ने कहा, "मेरी बेटी एक स्वाभिमानी, संस्कारी और अपने दम पर करियर बनाने वाली मेहनती लड़की थी। वह अब इस दुनिया में अपना पक्ष रखने के लिए मौजूद नहीं है, लेकिन इसके बावजूद लगातार उसके चरित्र पर कीचड़ उछाला जा रहा है। जिस बेरहमी से कुछ लोगों ने उसकी छवि को नुकसान पहुंचाया और हमारे पूरे परिवार को मानसिक प्रताड़ना दी है, वह असहनीय है। भगवान सब देख रहा है, जो जैसा करेगा वह वैसा ही भरेगा।"

अफवाहों और राजनीतिक खींचतान से परेशान है परिवार

जून 2020 में दिशा सालियान की मौत के महज कुछ ही दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत का शव भी बांद्रा स्थित उनके फ्लैट में मिला था। इसके बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दलों और कुछ समूहों द्वारा दोनों मामलों को जोड़कर तरह-तरह की साजिशों और पार्टी थ्योरीज के दावे किए जाने लगे।

हालांकि, मुंबई पुलिस और विभिन्न जांच एजेंसियों की शुरुआती पड़ताल में किसी भी तरह के फाउल प्ले (साजिश) के पुख्ता सबूत नहीं मिले थे और इसे एक दुखद हादसा माना गया था। इसके बावजूद, समय-समय पर चुनावों या राजनीतिक टकराव के दौरान दिशा सालियान का नाम घसीटा जाता रहा है। परिवार का कहना है कि वे इस अंतहीन मानसिक प्रताड़ना से बुरी तरह थक चुके हैं। दिशा के माता-पिता पहले भी देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अदालत से यह लिखित गुहार लगा चुके हैं कि उनकी दिवंगत बेटी के नाम पर राजनीति बंद की जाए और उन्हें शांति से जीने दिया जाए।

सच और गरिमा की जंग में बेबस माता-पिता

सतीश सालियान का यह ताजा और भावुक बयान यह स्पष्ट करता है कि कानूनी दांव-पेंचों और सियासी बयानबाजी के बीच एक पीड़ित परिवार किस कदर मानसिक संत्रास से गुजर रहा है। अपनी बेटी को खोने के बाद अब वे सिर्फ इतना चाहते हैं कि दिशा की आत्मा को शांति मिले और उसकी छवि को बदनाम करने का यह सिलसिला हमेशा के लिए थम जाए।