झारखंड राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी, उम्मीदवारों पर सस्पेंस; क्या 24 विधायकों के दम पर 'खेला' कर पाएगा NDA?

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India News Live,Digital Desk : झारखंड की सियासत में राज्यसभा की 2 सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनाव को लेकर हलचल चरम पर पहुंच गई है। चुनाव आयोग (ECI) द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के साथ ही 1 जून से 8 जून 2026 तक चलने वाली नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है।

इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ 'INDIA' महागठबंधन और विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के बीच है। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि नामांकन शुरू होने के बावजूद अभी तक किसी भी खेमे ने अपने आधिकारिक उम्मीदवारों के नामों का एलान नहीं किया है, जिससे सस्पेंस और सियासी अटकलों का बाजार बेहद गर्म है।

चुनाव का पूरा शेड्यूल एक नजर में:

नामांकन की अवधि: 1 जून से 8 जून 2026 तक।

नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny): 9 जून 2026।

नाम वापसी की अंतिम तिथि: 11 जून 2026।

मतदान और मतगणना (Voting & Counting): 18 जून 2026 (सुबह 9 से शाम 4 बजे तक वोटिंग और शाम 5 बजे से काउंटिंग)।

झारखंड विधानसभा का नंबर गेम और गणित

81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 28 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोटों की जरूरत होती है। सीटों के इस गणित को नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझा जा सकता है:

राजनीतिक गठबंधनघटक दल और व्यक्तिगत सीटेंकुल विधायक संख्याराज्यसभा सीटों की संभावना
Siren महागठबंधन (INDIA)JMM (34) + कांग्रेस (16) + RJD (4) + CPI-ML (2)56 विधायकगणितीय रूप से दोनों सीटें सुरक्षित ($28 \times 2 = 56$)
विपक्षी गठबंधन (NDA)BJP + AJSU + JDU + LJP24 विधायकएक सीट के लिए भी 4 वोटों की कमी
अन्य/निर्दलीयJLKM (जयराम महतो)1 विधायककिंगमेकर की भूमिका

सत्ता पक्ष में सीटों का पेच: JMM की दावेदारी पक्की, कांग्रेस लगाए बैठी है आस

संख्याबल के हिसाब से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई वाले महागठबंधन की दोनों सीटों पर जीत पूरी तरह तय मानी जा रही है।

झामुमो (JMM): पहली सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की दावेदारी लगभग पक्की है, क्योंकि यह सीट झामुमो के संस्थापक व कद्दावर नेता शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई है।

कांग्रेस (Congress): दूसरी सीट को लेकर गठबंधन के भीतर 'बड़े भाई' झामुमो और कांग्रेस के बीच कड़ा मंथन चल रहा है। कांग्रेस चाहती है कि गठबंधन धर्म के तहत दूसरी सीट उसके कोटे में दी जाए, जिस पर अगले एक-दो दिनों में अंतिम मुहर लग सकती है।

क्या 24 विधायकों वाली भाजपा कर पाएगी कोई बड़ा 'उलटफेर'?

विपक्षी खेमे में भाजपा ने यह एलान करके मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया है कि वह कम से कम एक सीट पर अपना उम्मीदवार मैदान में जरूर उतारेगी। हालांकि, बीजेपी के पास महज 24 वोट हैं और जीत के लिए उसे 4 अतिरिक्त वोटों की दरकार होगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की पूरी नजरें महागठबंधन के भीतर टिकट न मिलने से नाराज होने वाले असंतुष्ट विधायकों, निर्दलीय विधायकों और क्रॉस वोटिंग (Cross-Voting) की संभावनाओं पर टिकी हैं। इसके अलावा, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के एकमात्र फायरब्रांड विधायक जयराम महतो का एक वोट भी इस त्रिकोणीय मुकाबले में बेहद निर्णायक भूमिका निभा सकता है, क्योंकि वे फिलहाल किसी भी खेमे के साथ खुलकर खड़े नजर नहीं आ रहे हैं।

हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर छिड़ी जुबानी जंग

चुनाव से पहले ही सूबे में राजनीतिक शुचिता को लेकर तलवारें खिंच गई हैं। झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त को एक आधिकारिक पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि पर्याप्त संख्याबल न होने के बावजूद भाजपा द्वारा उम्मीदवार उतारने की घोषणा करना सीधे तौर पर विधायकों की खरीद-फरोख्त (Horse Trading) और अनैतिक दबाव बनाने की साजिश की ओर इशारा करता है।

वहीं, भाजपा ने इस पत्र पर पलटवार करते हुए इसे झामुमो की मानसिक हताशा और अपने विधायकों पर अविश्वास का नतीजा बताया है।