देश पर मंडराया महातूफान का खतरा! 6 साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव, 90KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Post

India News Live,Digital Desk : जून महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर के मौसम में एक बहुत बड़ा और खतरनाक बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को ताजा बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई हिस्सों में तीव्र आंधी-तूफान, भारी बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) का 'ऑरेंज और येलो अलर्ट' जारी किया है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय भारत के वायुमंडल में एक साथ 6 चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) और ट्रफ रेखाएं सक्रिय हैं। इसके प्रभाव से उत्तर, उत्तर-पश्चिम, पूर्व और दक्षिणी भारत के राज्यों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे और कुछ संवेदनशील इलाकों में अधिकतम 90 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

क्यों बदला देश का मौसम? एक साथ 6 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव

IMD के अनुसार, इस समय भारत के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में एक साथ कई मौसमी प्रणालियां (Weather Systems) काम कर रही हैं, जिसने मौसम को पूरी तरह पलट दिया है:

उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश: यहाँ जमीन से 3.1 से 7.6 किमी की ऊंचाई पर एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) बना हुआ है।

पाकिस्तान-राजस्थान बॉर्डर: इस क्षेत्र के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जो अरब सागर से आ रही ठंडी और थार मरुस्थल की गर्म हवाओं का खतरनाक मिश्रण बना रहा है।

पूर्वी भारत (दक्षिण गंगा बेसिन): पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के ऊपर एक अन्य चक्रवाती सिस्टम मौजूद है।

पूर्वोत्तर भारत: दक्षिणी असम और आसपास के राज्यों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

मध्य भारत: दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक वेदर सिस्टम एक्टिव है।

दक्षिण भारत: दक्षिणी केरल और तमिलनाडु के ऊपर निम्न स्तर का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही पूर्वी विदर्भ से लेकर दक्षिणी केरल तक एक 'निम्न दाब रेखा' (ट्रफ) फैली हुई है, जो समंदर से लगातार नमी खींच रही है।

राज्यवार पूर्वानुमान: कहाँ-कहाँ मचेगा आंधी और बारिश का तांडव?

1. पूर्वी भारत (90 KM की स्पीड से हवाएं और आंधी)

पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा: इन राज्यों में 1 जून से 6 जून 2026 तक लगातार हल्की से मध्यम बारिश और गंभीर गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान धूल भरी आंधी और तूफान के समय हवा की रफ्तार 90 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है।

2. उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-NCR (3 जून से नया विक्षोभ)

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश: दिल्ली-एनसीआर में सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री और पालम में 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है।

बड़ा अप्डेट: 3 जून 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और नया तथा बेहद सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश करने जा रहा है। इसके कारण 3 से 5 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड सहित पूरे मैदानी इलाकों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।

3. पूर्वोत्तर और मध्य भारत (भारी से बहुत भारी बारिश)

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: पूर्वोत्तर के इन राज्यों में चक्रवाती सिस्टम के कारण अगले 4-5 दिनों तक मूसलाधार (भारी से बहुत भारी) बारिश का अलर्ट है।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र): इन क्षेत्रों में धूल भरी आंधी के साथ छिटपुट बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

4. दक्षिण भारत (केरल में मॉनसून की दस्तक)

केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप: अरब सागर से आ रही भारी नमी के कारण इन राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो चुका है। IMD के मुताबिक, इस समय देश में मॉनसून के तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। अगले 24 से 48 घंटों के भीतर (1 या 2 जून को) दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून आधिकारिक तौर पर केरल के तट पर दस्तक दे सकता है।

मौसम विभाग (IMD) की आम जनता को सलाह:

आंधी-तूफान और कड़कती बिजली के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल बंद कर दें और पक्के मकानों में शरण लें।

तेज हवाओं के समय बड़े पेड़ों, होर्डिंग्स, साइनबोर्ड्स और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने या गाड़ियां पार्क करने से बचें।

किसान भाई कटी हुई फसलों और मंडियों में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें ताकि ओलावृष्टि और पानी से नुकसान न हो।