इजरायली राजदूत रुवेन अजार ने अमेरिका-ईरान वार्ता में पाक की भूमिका पर उठाए सवाल

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India News Live,Digital Desk : भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्धविराम (Ceasefire) प्रयासों में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर कड़ा प्रहार किया है। अजार ने स्पष्ट रूप से कहा कि इजरायल को पाकिस्तान पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है और वह उसे एक 'विश्वसनीय खिलाड़ी' के रूप में नहीं देखता है।

इजरायली राजदूत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस एक प्रतिनिधिमंडल के साथ इस सप्ताह के अंत में इस्लामाबाद जाने वाले हैं, ताकि अमेरिका-ईरान के बीच एक दीर्घकालिक समझौते पर मुहर लगाई जा सके।

इजरायली राजदूत के इंटरव्यू की मुख्य बातें

1. पाकिस्तान पर अविश्वास:

समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में अजार ने कहा, "हम पाकिस्तान को एक विश्वसनीय देश के रूप में नहीं देखते। अमेरिका ने उसे मध्यस्थ के रूप में क्यों चुना, यह उनका अपना फैसला हो सकता है।" उन्होंने इसकी तुलना अतीत के उन उदाहरणों से की जब अमेरिका ने हमास के साथ बातचीत के लिए कतर और तुर्की जैसे 'समस्याग्रस्त' देशों का सहारा लिया था।

2. इजरायल के दो प्रमुख लक्ष्य:

अजार ने स्पष्ट किया कि इजरायल किसी भी कूटनीतिक समझौते से केवल दो परिणाम चाहता है:

ईरान के परमाणु कार्यक्रम का पूर्ण खात्मा।

ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन पर लगाम।

3. सैन्य कार्रवाई बनाम कूटनीति:

राजदूत ने कहा कि इजरायल ने ईरानी शासन को सैन्य रूप से काफी कमजोर कर दिया है। अब वे कूटनीति को एक मौका दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने उकसावे की कार्रवाई जारी रखी, तो इजरायल फिर से सैन्य विकल्प चुनने से पीछे नहीं हटेगा।

लेबनान बना विवाद की जड़: क्या टूटेगा युद्धविराम?

फिलहाल सबसे बड़ा तनाव लेबनान को लेकर है। इस समझौते की शर्तों पर भारी भ्रम की स्थिति बनी हुई है:

ईरान का दावा: तेहरान का कहना है कि लेबनान पर इजरायली हमले युद्धविराम का उल्लंघन हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि हमले नहीं रुके, तो वह 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में तनाव बढ़ा सकता है।

अमेरिका और इजरायल का स्टैंड: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है। इजरायल का कहना है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ उसकी कार्रवाई जारी रहेगी।

भारी बमबारी: बुधवार को इजरायल ने लेबनान पर भीषण हमले किए, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत की खबर है।

परमाणु कचरा और ईरानी इनकार

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अपना यूरेनियम संवर्धन रोकने और परमाणु सामग्री सौंपने को तैयार है। उन्होंने यहां तक कहा कि अमेरिका, ईरान की धरती से सारा 'परमाणु कचरा' खोदकर बाहर निकालेगा। हालांकि, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने इन दावों को झूठा करार देते हुए कहा है कि इजरायल पहले ही समझौते की शर्तों को तोड़ चुका है।