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September 11 2026 10:19 pm

इजरायल ने किया इतना भीषण विस्फोट कि कांप उठी धरती, आया 4.1 तीव्रता का भूकंप

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मध्य पूर्व में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी भीषण संघर्ष में इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दक्षिणी लेबनान के पहाड़ी इलाकों में अब तक का सबसे बड़ा और विध्वंसक भूमिगत विस्फोट किया है। इजरायल द्वारा हिजबुल्लाह के रणनीतिक भूमिगत नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए किए गए इस भीषण नियंत्रित धमाके (Controlled Demolition) की ताकत इतनी अधिक थी कि पूरे इलाके की जमीन दहल उठी और रिक्टर स्केल पर 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) और लेबनान के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (Seismological Center) ने पुष्टि की है कि नबातिह (Nabatieh) क्षेत्र के पास 4.1 तीव्रता की सिस्मिक तरंगे (Seismic Waves) रिकॉर्ड की गईं। भूकंप वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि यह कोई प्राकृतिक टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने से आया भूकंप नहीं था, बल्कि जमीन के नीचे हुए अत्यधिक भीषण विस्फोट के कारण पैदा हुआ एक 'मानव-निर्मित/कृत्रिम भूकंप' (Artificial Tremor) था। इस धमाके के शॉकवेव्स करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित तटीय शहर सिडोन (Saida) तक महसूस किए गए।

अली अल-ताहेर रिज पर कार्रवाई: 1,100 टन से अधिक विस्फोटकों का इस्तेमाल

इजरायली मीडिया और सैन्य सूत्रों (Ynet) के अनुसार, आईडीएफ के कॉम्बैट इंजीनियरिंग विंग ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अली अल-ताहेर पहाड़ी रिज (Ali al-Taher Ridge) के नीचे बने हिजबुल्लाह के विशाल बंकर और टनल नेटवर्क को उड़ाने के लिए 1,100 टन से अधिक उच्च-तीव्रता वाले विस्फोटकों का इस्तेमाल किया।

विस्फोट के साथ ही आसमान में आग का एक विशाल गोला (Fireball) और सैकड़ों फीट ऊंचा धूल व धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इस विध्वंस का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा करते हुए कहा कि आईडीएफ ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर अली अल-ताहेर रिज में हिजबुल्लाह के भूमिगत ढांचे को पूरी तरह जमींदोज कर दिया है। इसके साथ ही दक्षिणी लेबनान में इजरायल के जमीनी और भूमिगत 'सिक्योरिटी जोन' की स्थापना का काम पूरा कर लिया गया है।

2 किलोमीटर लंबी सुरंगें और ईरानी तकनीक: क्या था इस ठिकाने में?

इजरायली सेना के संयुक्त बयान के अनुसार, यह ठिकाना केवल एक साधारण सुरंग नहीं थी, बल्कि पिछले दो दशकों में ईरानी फंडिंग, आधुनिक इंजीनियरिंग और डिजाइन की मदद से तैयार किया गया एक बहु-स्तरीय (Multi-level) सामरिक सैन्य परिसर था।

आईडीएफ की खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक:

यह भूमिगत परिसर 2 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ था, जिसमें आठ अलग-अलग टनल रूट्स शामिल थे।

यह भूमिगत अड्डा हिजबुल्लाह की कुलीन 'बद्र यूनिट' (Badr Unit) के प्रमुख कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के रूप में कार्य कर रहा था।

सुरंगों के भीतर लड़ाकों के ठहरने के लिए बंकर, दर्जनों एंटी-टैंक मिसाइलें, लंबी दूरी के रॉकेट्स, बारूदी सुरंगें और उत्तरी इजरायल पर हमलों के लिए ईरानी ड्रोन लॉन्चिंग पैड बनाए गए थे।

सेना के अनुसार, इस पूरे इलाके पर परिचालन नियंत्रण स्थापित करने के बाद सभी हथियारों को जब्त कर सुरंगों को डायनामाइट से पैक करके एक साथ ब्लास्ट कर दिया गया।

लेबनान में दहशत और फॉल्ट लाइन को लेकर पर्यावरणविदों की चिंता

इस भारी-भरकम विस्फोट के बाद दक्षिणी लेबनान के रिहायशी इलाकों में भारी दहशत फैल गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धमाके की गूंज और झटके इतने तेज थे कि घरों के खिड़की-दरवाजे हिलने लगे और ऐसा लगा मानो कोई प्रलयंकारी प्राकृतिक भूकंप आ गया हो।

वैज्ञानिकों और लेबनानी अधिकारियों ने इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई है कि अली अल-ताहेर और इसके नजदीकी इलाके लेबनान की प्रमुख भूगर्भीय 'रौम फॉल्ट लाइन' (Roum Fault Line) के बेहद करीब स्थित हैं। इतनी भारी मात्रा में बारूद के भूमिगत विस्फोट से फॉल्ट लाइन पर अत्यधिक दबाव पड़ने और भविष्य में वास्तविक भूगर्भीय हलचल तेज होने का खतरा पैदा हो सकता है। लेबनानी सरकार ने इतने बड़े पैमाने पर किए गए विध्वंस की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताया है।

कूटनीतिक वार्ताओं से पहले इजरायल का शक्ति प्रदर्शन

यह भारी सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा और तनाव कम करने को लेकर रोम में नई दौर की वार्ताओं की तैयारी कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वार्ता की मेज पर जाने से ठीक पहले इजरायल ने हिजबुल्लाह के सबसे बड़े कमांड सेंटर को उड़ाकर और सीमावर्ती पहाड़ियों को पूरी तरह साफ करके यह कड़ा संदेश दिया है कि वह लेबनानी सीमा पर किसी भी भूमिगत खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा और अपनी शर्तों पर ही सुरक्षा दायरा तय करेगा।