BREAKING:
September 11 2026 08:32 pm

सेंसेक्स में भारी गिरावट के बावजूद 18% उछला यह नया नवेला शेयर

Post

घरेलू शेयर बाजार में जहां कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते चौतरफा बिकवाली देखी जा रही थी और बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 700 से अधिक अंक फिसल गया, वहीं एक हालिया लिस्टेड शेयर ने निवेशकों को हैरान कर दिया। हैंडक्राफ्ट गोल्ड ज्वेलरी बनाने वाली कंपनी संकेश ज्वेलर्स (Shankesh Jewellers) के शेयर ने कमजोर बाजार धारणा को धता बताते हुए एक ही कारोबारी सत्र में 18 प्रतिशत तक की तूफानी छलांग लगाई।

बीएसई (BSE) पर सुबह के कारोबार में भारी वॉल्यूम के साथ हुई लिवाली के दम पर यह स्टॉक अपने अब तक के रिकॉर्ड स्तर ₹116 प्रति शेयर पर पहुंच गया। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी को शेयर बाजार में लिस्ट हुए अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है।

इश्यू प्राइस से 25% ऊपर निकला भाव: लगातार तीन दिन से तेजी

संकेश ज्वेलर्स के शेयरों की लिस्टिंग 25 अगस्त को एनएसई (NSE) और बीएसई (BSE) पर हुई थी। कंपनी ने अपने आईपीओ के तहत ₹93 प्रति शेयर का इश्यू प्राइस तय किया था:

3 सत्रों में 22% का रिटर्न: यह स्टॉक बुधवार से ही लगातार हरे निशान में कारोबार कर रहा है और बीते तीन कारोबारी सत्रों में इसने कुल 22% की संचयी बढ़त दर्ज की है।

आईपीओ निवेशकों की चांदी: लिस्टिंग के बाद महज कुछ हफ्तों के भीतर यह शेयर अपने इश्यू प्राइस ₹93 से लगभग 25% ऊपर निकल चुका है, जिससे आईपीओ में दांव लगाने वाले निवेशकों को शानदार मुनाफा हुआ है।

अचानक क्यों आई शेयरों में इतनी बड़ी तेजी? समझिए 3 बड़े कारण

कमजोर बाजार में भी इस नए-नवेले शेयर पर खरीदारों के टूटने के पीछे कंपनी के शानदार वित्तीय परिणाम और मजबूत फंडामेंटल्स मुख्य वजह बने हैं:

पहली तिमाही में दोगुना हुआ मुनाफा (100% PAT Jump): कंपनी ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे घोषित किए हैं, जिसमें उसका शुद्ध लाभ (Profit After Tax) सालाना आधार पर 100% बढ़कर ₹43 करोड़ पर पहुंच गया।

रेवेन्यू और EBITDA में जोरदार विस्तार: जून तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व (Revenue) 55% बढ़कर ₹424 करोड़ रहा। वहीं इसका EBITDA सालाना आधार पर 92% के उछाल के साथ ₹61 करोड़ दर्ज किया गया, और ऑपरेटिंग मार्जिन सुधरकर 14.4% हो गया (जो पिछले साल समान अवधि में 11.6% था)।

एसेट-लाइट मॉडल और संगठित रिटेल का फायदा: कंपनी का पूरा बिजनेस मॉडल 'एसेट-लाइट' और अनुभवी कारीगरों के नेटवर्क पर आधारित है। देश में बीआईएस (BIS) हॉलमार्किंग अनिवार्य होने के बाद असंगठित क्षेत्र से संगठित ज्वेलरी प्लेयर्स की ओर आ रही मजबूत मांग का सीधा लाभ इस कंपनी को मिल रहा है।

मैनेजमेंट का आउटलुक और भविष्य की संभावनाएं

कंपनी प्रबंधन का कहना है कि भारत में शादियों और आगामी त्योहारी सीजन (धनतेरस, दीवाली) को देखते हुए प्रीमियम हैंडक्राफ्टेड और कस्टमाइज्ड ज्वेलरी की मांग में भारी उछाल आने की उम्मीद है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 10.2% का पीएटी मार्जिन हासिल किया है, जो इसके ऑपरेटिंग लीवरेज और लागत नियंत्रण को साबित करता है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत नतीजों ने स्टॉक को वैल्यूएशन के मोर्चे पर आकर्षक बना दिया, जिसके चलते बाजार में चल रहे करेक्शन के बावजूद संस्थागत और खुदरा निवेशकों ने इस शेयर में आक्रामक खरीदारी की।