June 21 2026 10:04 am

ईरान-US जंग: तेहरान ने ठुकराया दूसरे दौर की बातचीत का न्योता, पाकिस्तान पहुंची ट्रंप की टीम

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया में जारी महायुद्ध के बीच शांति की आखिरी उम्मीदें भी धुंधली पड़ती नजर आ रही हैं। ईरान ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाले दूसरे दौर की शांति वार्ता (Peace Talks) में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया IRNA के मुताबिक, तेहरान ने अमेरिका की 'अत्यधिक मांगों' और 'होर्मुज की जारी नाकेबंदी' को इस फैसले की मुख्य वजह बताया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हाई-प्रोफाइल टीम वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंच चुकी है।

ईरान ने क्यों कहा 'ना'? 'मीडिया गेम' का लगाया आरोप

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने अमेरिका पर 'ब्लेम गेम' खेलने का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी समुद्री सीमाओं (होर्मुज) से नौसैनिक घेराबंदी (Naval Blockade) नहीं हटाता, तब तक बातचीत का कोई मतलब नहीं है। ईरान ने इसे युद्धविराम (Ceasefire) का खुला उल्लंघन करार दिया है। तेहरान के मुताबिक, अमेरिका बार-बार अपनी शर्तें बदल रहा है और उसकी अपेक्षाएं 'अवास्तविक' हैं, इसलिए बातचीत के लिए कोई 'उज्ज्वल भविष्य' नहीं दिखता।

ट्रंप की 'टीम-A' पाकिस्तान में, साथ में दी 'विनाश' की चेतावनी

ईरान के इनकार के बावजूद, डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता को एक आखिरी मौका देने का फैसला किया है। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी दी कि उनका प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच रहा है। व्हाइट हाउस के अनुसार, इस टीम में शामिल हैं:

जेडी वेंस: अमेरिकी उपराष्ट्रपति (प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख)

जेरेड कुशनर: ट्रंप के दामाद और पूर्व सलाहकार

स्टीव विटकॉफ: पश्चिम एशिया के लिए विशेष दूत

ट्रंप ने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, "हम एक निष्पक्ष डील ऑफर कर रहे हैं। अगर ईरान इसे साइन नहीं करता, तो अमेरिका उनके हर एक पावर प्लांट और हर एक पुल को उड़ा देगा। अब 'मिस्टर नाइस गाय' (भलमानुस) बनने का वक्त खत्म हो चुका है।"

होर्मुज में बढ़ा तनाव: ईरानी जहाज 'तौस्का' को अमेरिका ने पकड़ा

बातचीत टूटने की खबरों के बीच समुद्र में स्थिति विस्फोटक हो गई है। अमेरिकी नौसेना के डिस्ट्रॉयर USS Spruance ने ओमान की खाड़ी में ईरानी कार्गो जहाज 'तौस्का' (Touska) को इंटरसेप्ट कर अपने कब्जे में ले लिया है। अमेरिका का दावा है कि यह जहाज नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। इस कार्रवाई ने ईरान को और अधिक नाराज कर दिया है, जिससे 22 अप्रैल को खत्म हो रहे अस्थाई युद्धविराम के बाद पूर्ण युद्ध (Full-scale War) छिड़ने की आशंका बढ़ गई है।

पाकिस्तान की भूमिका और मध्यस्थता की चुनौती

पाकिस्तान इस समय एक 'डेंजरस बैलेंस' बनाने की कोशिश कर रहा है। एक तरफ वह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए मंच तैयार कर रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान के मुकरने से उसकी कूटनीतिक कोशिशों को धक्का लगा है। यदि अगले 48 घंटों में कोई बीच का रास्ता नहीं निकला, तो अमेरिकी सेना ने पहले ही 'ऑपरेशनल मोड' में रहने और संभावित हवाई हमलों के लिए तैयारी पूरी होने का संकेत दे दिया है।