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July 08 2026 01:57 pm

भारत सरकार को मिली क्लीन चिट, अमेरिकी जांच 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' में लॉरेंस बिश्नोई निकला मास्टरमाइंड

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खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेबुनियाद और झूठे आरोप लगाने वाले कनाडा को आखिरकार सच्चाई के सामने घुटने टेकने पड़े हैं। कनाडाई फेडरल पुलिस (RCMP) ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में भारत सरकार को बहुत बड़ी और आधिकारिक क्लीन चिट दे दी है। आरसीएमपी ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि साल 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया में हुई निज्जर की हत्या में भारत सरकार या उसके किसी भी राजनयिक अधिकारी के शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला है। कूटनीतिक गलियारों में भूचाल लाने वाला यह बड़ा खुलासा तब हुआ जब अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने अपने 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' से जुड़े सनसनीखेज दस्तावेजों को सार्वजनिक किया, जिसमें साफ हुआ कि निज्जर की हत्या के तार भारत सरकार से नहीं, बल्कि जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जुड़े थे।

इस आधिकारिक बयान के सामने आने के बाद कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के वे तमाम दावे पूरी तरह खोखले और राजनीति से प्रेरित साबित हो गए हैं, जो उन्होंने लगभग तीन साल पहले कनाडाई संसद में दिए थे। ट्रूडो ने भारतीय एजेंटों पर निज्जर की हत्या का 'विश्वसनीय आरोप' मढ़कर दोनों देशों के ऐतिहासिक कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्तों को गंभीर संकट में डाल दिया था, जिसे भारत ने हमेशा 'बेतुका' करार दिया था।

कनाडाई पुलिस कमिश्नर का बड़ा बयान: भारत सरकार के खिलाफ कोई सुराग नहीं

रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) की डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड ने कनाडाई राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल 'सीबीसी न्यूज' को दिए एक विशेष इंटरव्यू में इस सच्चाई पर से पर्दा उठाया।

डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड ने जांच की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित अपराध सिंडिकेट (Organized Crime Syndicate) की इस बेहद लंबी और बारीक जांच में हमारी टीमों को ऐसा कोई भी सुराग, डिजिटल इनपुट या फॉरेंसिक सबूत हाथ नहीं लगा है जो यह साबित कर सके कि इस हत्या में भारत सरकार के अधिकारी सीधे तौर पर शामिल थे या उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया जा सकता है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि इस मर्डर मिस्ट्री की कड़ियां जोड़ने के लिए तकनीकी जांच अभी भी जारी है, लेकिन इसमें भारत सरकार को संदिग्ध मानने का कोई कानूनी आधार नहीं बचा है।

'ऑपरेशन हार्ड बॉल' का सनसनीखेज सच: अमेरिका, कनाडा और यूरोप में भारी गिरफ्तारियां

अमेरिकी खुफिया और न्याय विभाग द्वारा चलाए गए एक बेहद गोपनीय और बड़े पैमाने वाले अंतरराष्ट्रीय मिशन 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत बिश्नोई गैंग के वैश्विक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पंजाब की जेल में कड़ी सुरक्षा के बीच बंद 33 वर्षीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने जेल के भीतर से ही विदेशी धरती पर इस पूरी वारदात को ऑपरेट किया था।

अमेरिकी चार्जशीट के अनुसार, बिश्नोई के इस उत्तर अमेरिकी और वैश्विक नेटवर्क को उसके टॉप कमांडर संभाल रहे थे, जिसमें कनाडा में छिपा सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ (32), यूरोप से ऑपरेट करने वाला रोहित गोदारा (37) और सुखraj सिंह कंग (58) मुख्य रणनीतिकार थे। इन सभी को अमेरिकी अदालत ने इस हत्याकांड और अंतरराष्ट्रीय साजिश का मुख्य आरोपी बनाया है।

1,000 किलो कोकीन और हथियारों का जखीरा जब्त: 24 शूटर और तस्कर दबोचे गए

इस सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने के लिए अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने एक साथ मिलकर छापेमारी की, जिसमें अब तक कुल 24 शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। अमेरिकी जांच एजेंसी के मुताबिक, इनमें से 11 आरोपियों को कैलिफोर्निया से, 3 को कनाडा, 1 को स्पेन और बाकी को इंडियाना व जॉर्जिया से दबोचा गया है। इस पूरे नेटवर्क में कुल 37 लोगों के खिलाफ नामजद चार्जशीट दाखिल की गई है।

सुरक्षा एजेंसियां अभी भी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर फरार चल रहे 10 अन्य मुख्य शूटरों और तस्करों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। यह सिंडिकेट सिर्फ टारगेट किलिंग ही नहीं करता था, बल्कि अमेरिका और कनाडा के बॉर्डर्स पर बड़े पैमाने पर हथियारों और घातक ड्रग्स की तस्करी करता था। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान एजेंसियों ने भारी कार्रवाई करते हुए लगभग 1,000 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन, 1 किलो हेरोइन, भारी मात्रा में विदेशी हथियार और 40,000 डॉलर से अधिक की बेनामी नकदी जब्त की है।

भारतीय मूल के लोगों से जबरन वसूली: चार्जशीट में भारत के एक पुलिस प्रमुख का भी नाम आया

लॉस एंजिल्स में अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में एक और बेहद चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। यह आपराधिक सिंडिकेट अमेरिका और कनाडा में रहने वाले कम आय वाले भारतीय प्रवासियों और व्यापारियों को डरा-धमकाकर उनसे लाखों डॉलर की रंगदारी (Extortion) वसूलता था।

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, एक मामले में भारत के पंजाब राज्य में तैनात एक कथित भ्रष्ट पुलिस प्रमुख, जिसकी पहचान गुरिंदरजीत सिंह के रूप में हुई है, का नाम भी इस साजिश में सामने आया है। आरोप है कि इस पुलिस अधिकारी ने लॉस एंजिल्स के एक भारतीय परिवार को भारत में झूठे मर्डर केस में फंसाने की धमकी देकर करीब 4,00,000 डॉलर की भारी फिरौती वसूली थी। अमेरिकी फर्स्ट असिस्टेंट यू.एस. अटॉर्नी बिल एसेली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय गिरोह निर्दोष प्रवासियों को अपना शिकार बना रहा था। उन्होंने साफ किया कि फरार चल रहे इस कथित अधिकारी को गिरफ्तार कर जल्द ही अमेरिका प्रत्यर्पित (Extradited) कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।