India aboard the 'Reform Express': PM मोदी ने उद्योग जगत को दिया जीत का मंत्र, बोले- अब इनोवेशन और बड़े निवेश की बारी

Post

India News Live,Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की आर्थिक प्रगति को नई रफ्तार देने के लिए भारतीय उद्योग जगत का आह्वान किया है। बजट के बाद 'विकसित भारत' के विजन पर आयोजित एक विशेष वेबिनार को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने साफ संदेश दिया कि भारत इस समय 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुधारों की सफलता केवल कागजी घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीन पर उनके वास्तविक प्रभाव (ग्राउंड इम्पैक्ट) से मापी जानी चाहिए।

नीतिगत सुधारों के साथ डिलीवरी पर फोकस

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने पिछले कुछ वर्षों में बड़े नीतिगत बदलाव किए हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि हम उन सुधारों की 'बेहतर डिलीवरी' पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति और अंतिम उद्योग तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम ने उद्योग जगत से अपील की कि वे नए निवेश और आधुनिक इनोवेशन के साथ आगे आएं, ताकि वैश्विक बाजार में भारत की पकड़ और मजबूत हो सके।

विदेशी निवेश और बांड मार्केट का कायाकल्प

अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री ने बड़े ऐलान किए। उन्होंने बताया कि विदेशी निवेश (FDI) के फ्रेमवर्क को और अधिक सरल और सुलभ बनाया जा रहा है, ताकि निवेशकों को किसी भी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, लंबी अवधि की वित्तीय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बांड मार्केट को सक्रिय किया जा रहा है। सरकार बांड की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को इतना आसान बनाने जा रही है कि यह विकास के लिए एक सशक्त टूल बन सके।

पूंजीगत खर्च में 6 गुना की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

पिछले एक दशक में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि 11 साल पहले पूंजीगत खर्च (Capex) के लिए बजट में महज 2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान था। आज यह आंकड़ा बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च कर रही है, लेकिन अब इसमें निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उभरते हुए सेक्टर्स में वित्तीय मॉडल के नए और इनोवेटिव तरीकों की तलाश करनी होगी।

बनेगा 'रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर'

प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि सरकार, उद्योग जगत, वित्तीय संस्थान और विशेषज्ञ मिलकर एक 'रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर' तैयार करें। यह चार्टर एक साझा संकल्प होगा जो घोषणाओं को धरातल पर उपलब्धियों में बदलने का काम करेगा। उन्होंने मंत्रियों को भी निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने मंत्रालयों के सुधारों का भविष्य का एजेंडा तैयार करें, ताकि आगामी वर्षों की योजनाएं स्पष्ट रहें।