Rising gold prices and changing trends: आखिर क्यों 18 कैरेट गोल्ड और चांदी बन रहे हैं ग्राहकों की पहली पसंद
India News Live,Digital Desk : साल 2026 में भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों ने जिस तरह से आसमान छुआ है, उसने आम आदमी के जेवर खरीदने के अंदाज को पूरी तरह बदल दिया है। कल तक जो लोग 22 कैरेट सोने के भारी-भरकम गहनों को ही 'असली सोना' मानते थे, आज वही लोग 18 कैरेट (18K) सोने और चांदी के आधुनिक आभूषणों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। यह बदलाव केवल मजबूरी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी वित्तीय और फैशन रणनीति का हिस्सा है।
1. बजट और स्टाइल का बेहतरीन तालमेल
सोने की कीमतें ₹1.60 लाख (प्रति 10 ग्राम) के पार पहुंचने के बाद, मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए 22 कैरेट के गहने खरीदना बजट से बाहर होता जा रहा है।
कीमत में अंतर: विशेषज्ञों के अनुसार, 18 कैरेट और 22 कैरेट सोने के गहनों की कीमत में 15% से 20% तक का अंतर होता है।
बड़ा लुक, कम दाम: 18 कैरेट में कम निवेश करके भी ग्राहक बड़े और आकर्षक डिजाइन वाले आभूषण खरीद पा रहे हैं, जो दिखने में 22 कैरेट जैसे ही शानदार लगते हैं।
2. मजबूती और टिकाऊपन (Durability)
22 कैरेट सोना काफी नरम होता है, जिससे उसमें बारीक नक्काशी या भारी पत्थर जड़ना मुश्किल होता है।
मजबूत पकड़: 18 कैरेट सोने में 75% सोना और 25% अन्य धातुएं (जैसे तांबा या जस्ता) होती हैं, जो इसे मजबूती प्रदान करती हैं।
डायमंड के लिए बेस्ट: यही कारण है कि हीरे (Diamonds) और कीमती पत्थरों को जड़ने के लिए 18 कैरेट सोना ही जौहरियों की पहली पसंद होता है। यह दैनिक उपयोग (Daily Wear) के लिए भी अधिक टिकाऊ है।
3. चांदी: अब सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि निवेश का हिस्सा
चांदी अब केवल पायल या बिछिया तक सीमित नहीं रह गई है। पिछले एक साल में चांदी की कीमतों में हुई तेज बढ़ोतरी ने इसे एक मजबूत निवेश विकल्प बना दिया है।
स्टर्लिंग सिल्वर का क्रेज: युवा पीढ़ी के बीच 'स्टर्लिंग सिल्वर' के आभूषणों की भारी मांग है। ये वेस्टर्न और ऑफिस वेयर कपड़ों के साथ बहुत स्टाइलिश लगते हैं।
कम जोखिम: सोने की तुलना में चांदी में निवेश करना कम जोखिम भरा और किफायती माना जा रहा है।
4. निवेश के प्रति बदलता नजरिया
अब उपभोक्ता केवल 'सोना जमा करने' के लिए खरीदारी नहीं कर रहे हैं।
रीसेल वैल्यू की समझ: लोग अब गहने खरीदते समय उसकी शुद्धता, हॉलमार्किंग और पुनर्विक्रय मूल्य (Resale Value) के प्रति अधिक जागरूक हैं।
लाइटवेट ज्वेलरी: महिलाएं अब भारी हार के बजाय ऐसी 'लाइटवेट' ज्वेलरी को पसंद कर रही हैं, जिन्हें वे शादी के बाद भी ऑफिस या पार्टियों में आसानी से पहन सकें।