आयकर रिफंड में हो सकती है देरी, जानिए क्या है वजह और कैसे चेक करें स्टेटस
India News Live,Digital Desk : अगर आपने भी वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर दिया है और अब रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। दरअसल इस साल आयकर विभाग ने आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी करीब दो महीने की देरी से जारी की, जिसके चलते लोगों को रिटर्न दाखिल करने में देरी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इस बार आयकर विभाग वेरिफिकेशन में सख्त होता जा रहा है, जिसके चलते करदाताओं के मन में सवाल है कि क्या उनका रिफंड समय पर आएगा या इसमें लंबा समय लग सकता है।
इस बार टैक्स रिफंड में देरी क्यों हो सकती है?
वित्त वर्ष 2024-25 में आईटीआर फाइलिंग देरी से शुरू हुई। इस वजह से करदाताओं ने रिटर्न देर से दाखिल किया और प्रक्रिया यानी स्क्रूटनी और रिफंड भी देर से शुरू हुआ।
इस साल फरवरी 2025 में बजट के दौरान आयकर से जुड़े कुछ बड़े बदलाव किए गए, जिसका असर इस बार रिटर्न फाइलिंग और रिफंड पर देखने को मिल सकता है।
वित्त मंत्रालय और सीबीडीटी ने आयकर नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं। इसके तहत आईटीआर फॉर्म में नई जानकारियां मांगी गई हैं। टैक्स क्रेडिट लिंक करने की प्रक्रिया को और सख्त बनाया गया है, जिसका असर रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया पर भी दिखेगा।
ऑनलाइन रिफंड की स्थिति कैसे जांचें?
यदि आपने आयकर दाखिल करने के साथ-साथ ई-सत्यापन भी पूरा कर लिया है, लेकिन एक महीने बाद भी आपका रिफंड नहीं आया है, तो आप कुछ सरल चरणों का पालन करके ऑनलाइन अपनी स्थिति की जांच कर सकते हैं।
चरण संख्या 1- सबसे पहले www.incometax.gov.in पर जाएं। अब पैन और पासवर्ड डालकर लॉग इन करें।
चरण संख्या 2- अब 'e-file' पर जाएँ। यहाँ आपको View filed returns का विकल्प मिलेगा। इसे चुनें।
चरण संख्या 3- अब वर्तमान स्थिति देखने के लिए 'विवरण देखें' विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप नंबर 4- अब आपको स्क्रीन पर आईटीआर फाइलिंग स्टेटस दिखाई देगा।
ध्यान रखें कि आपका बैंक खाता ई-फाइलिंग पोर्टल से लिंक और प्री-वैलिडेट होना चाहिए। अगर सब कुछ सही करने के बाद भी आपको रिफंड नहीं मिल रहा है, तो आप ई-निवारण के ज़रिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आपको बता दें कि आयकर अधिनियम की धारा 244A के तहत, अगर आपको लंबे समय तक रिफंड नहीं मिलता है, तो उस पर ब्याज देने का भी प्रावधान है।
11 वर्षों में कर रिफंड में 474% की वृद्धि हुई है
पिछले 11 सालों में आयकर रिफंड में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2013-14 में आयकर विभाग द्वारा जहाँ 83,008 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया था, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा अब तक 4.77 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है। इतना ही नहीं, पहले रिफंड जारी होने में 93 दिन यानी लगभग तीन महीने लगते थे, जो अब घटकर सिर्फ़ 17 दिन रह गए हैं। इसके अलावा, 2013-14 में आईटीआर दाखिल करने वालों की संख्या 3.8 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 8.89 करोड़ हो गई है।