खामेनेई को निशाना बनाया तो जंग तय, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की अमेरिका को दो टूक चेतावनी

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India News Live,Digital Desk : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर हमला करने की कोशिश की, तो इसे ईरान के खिलाफ युद्ध माना जाएगा। ऐसी किसी भी कार्रवाई का ईरानी सेना पूरी ताकत से जवाब देगी।

नेतृत्व परिवर्तन की बात से भड़का तेहरान

यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत बताई थी। ट्रंप की इस टिप्पणी को तेहरान ने सीधे तौर पर हस्तक्षेप और उकसावे के तौर पर देखा है।

इंटरनेट बैन हटाने के संकेत

इस बीच ईरान के वरिष्ठ सांसद इब्राहीम अजीजी ने संकेत दिए हैं कि देश में इंटरनेट पर लगी पाबंदी जल्द हटाई जा सकती है। करीब दो हफ्तों तक चले हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद अब तेहरान समेत अधिकतर शहरों में हालात सामान्य होते दिख रहे हैं।

महंगाई विरोध से शुरू हुआ आंदोलन

ईरान में 28 दिसंबर से महंगाई और आर्थिक हालात के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हुए थे। हालात बिगड़ने पर सरकार ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थीं। अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों और पूर्व क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के प्रदर्शनों में शामिल होने के आह्वान से हालात और भड़क गए थे।

सरकारी टीवी हैक, मौतों के आंकड़ों पर विवाद

प्रदर्शनों के दौरान ईरान के सरकारी टेलीविजन प्रसारण को हैक किए जाने की खबरें भी सामने आईं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हिंसा में करीब 5,000 लोगों की मौत हुई, जिनमें 500 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। वहीं पश्चिमी मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि मृतकों की संख्या इससे कहीं अधिक है।

अमेरिकी नौसेना की हलचल से बढ़ा दबाव

तनाव के बीच अमेरिका की सैन्य गतिविधियों ने चिंता और बढ़ा दी है। दक्षिण चीन सागर से ईरान की ओर बढ़ रहा अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन के नेतृत्व वाला स्ट्राइक ग्रुप सिंगापुर की समुद्री सीमा पार कर स्ट्रेट ऑफ मलक्का में प्रवेश कर चुका है। इस ग्रुप में कई युद्धपोत, विध्वंसक और परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बियां शामिल हैं, जिससे ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ गया है।

टकराव की ओर बढ़ते हालात

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बयानबाजी और सैन्य गतिविधियों के इस दौर में जरा सी चूक बड़े टकराव की वजह बन सकती है। आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंधों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।