Horrific temple accident in Barabanki औसानेश्वर धाम में करंट और भगदड़ से 2 भक्तों की मौत, 37 घायल

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के औसानेश्वर महादेव मंदिर परिसर में उस समय मातम छा गया, जब बिजली के तार से फैले करंट और उसके बाद मची भगदड़ के कारण दो श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 37 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ, जब सावन के पवित्र महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए मंदिर पहुंचे थे।

घटना आज दोपहर उस वक्त हुई, जब मंदिर परिसर में स्थापित एक डीजे (डीजल जेनरेटर) सेट के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन बिजली के तार में संभवतः कोई फाल्ट आ गया। बताया जा रहा है कि यह तार या तो जमीन पर गिरी हुई थी, या उसका स्पर्श किसी ऐसे धातु से हुआ जिससे बिजली का प्रवाह फैल गया। जल लेकर कतार में खड़े कई श्रद्धालु अचानक इस बिजली की चपेट में आ गए।

करंट लगते ही श्रद्धालुओं के बीच चीख-पुकार मच गई। चारों ओर अचानक मची अफरा-तफरी और डर के माहौल ने भगदड़ का रूप ले लिया। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। कुछ पल के लिए पूरा मंदिर परिसर अराजकता में डूब गया, लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए निकलने की कोशिश कर रहे थे।

इस भीषण हादसे में मौके पर ही दो भक्तों ने दम तोड़ दिया, जिनकी पहचान की जा रही है। वहीं, लगभग 37 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचा। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत जिला अस्पताल और अन्य नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया।

बाराबंकी के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने घटना के कारणों की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, जबकि गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। यह घटना मंदिर परिसरों में सुरक्षा मानकों और भीड़ प्रबंधन की गंभीरता पर कई सवाल खड़े करती है।