Hormuz blockade amid Iran-US nuclear talks: जेनेवा में टेबल पर बातचीत, समंदर में मिसाइलों की गूंज; क्या है खामेनेई का 'प्लान-B'
India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया के आसमान पर युद्ध के काले बादल और गहरे हो गए हैं। एक तरफ स्विट्जरलैंड के जेनेवा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि परमाणु समझौते की सुई को घुमाने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान ने दुनिया की 'लाइफलाइन' कहे जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को बंद कर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह कदम कूटनीतिक मेज पर दबाव बनाने की ईरान की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
वार्ता के बीच समंदर में बारूद की गंध: होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का शिकंजा
जेनेवा में दूसरे दौर की परमाणु वार्ता शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के एक हिस्से को सील कर दिया। ईरान की अर्ध-सरकारी एजेंसी 'फार्स' के मुताबिक, लाइव फायर ड्रिल के दौरान ईरानी तटों और द्वीपों से दागी गई मिसाइलों ने समंदर में अपने लक्ष्यों को सटीक तरीके से ध्वस्त किया। बता दें कि दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग 20 प्रतिशत इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान ने पहले भी चेतावनी दी थी कि यदि उस पर हमला हुआ, तो वह इस कमर्शियल रूट को पूरी तरह ठप कर देगा, और अब पहली बार कार्रवाई कर उसने अपनी मंशा साफ कर दी है।
खामेनेई की दहाड़: 'दुनिया की सबसे ताकतवर सेना को पड़ेगा ऐसा थप्पड़...'
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए 'सत्ता परिवर्तन' की किसी भी कोशिश को सिरे से खारिज कर दिया है। खामेनेई ने गर्व के साथ कहा कि वाशिंगटन उनकी सरकार को जबरन हटाने का सपना देखना छोड़ दे। उन्होंने अमेरिकी सैन्य शक्ति पर तंज कसते हुए कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बताते हैं, लेकिन कभी-कभी शक्तिशाली सेना को भी ऐसा थप्पड़ पड़ता है कि वह दोबारा उठ नहीं पाती।" खामेनेई का यह बयान ट्रंप प्रशासन की उस धमकी के जवाब में आया है जिसमें ईरान में शासन बदलने की बात कही गई थी।
जेनेवा की टेबल पर कुश्नर और विटकाफ: ओमान की मध्यस्थता में हुई गुप्त चर्चा
तनाव के चरम पर होने के बावजूद कूटनीति के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। जेनेवा में ओमान की मध्यस्थता से हुई इस बैठक में अमेरिकी दूत स्टीव विटकाफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर ने हिस्सा लिया, जबकि ईरान का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने किया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई के अनुसार, वार्ता में प्रतिबंधों को हटाने और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े जटिल तकनीकी विवरणों पर चर्चा की गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि तेहरान समझौता करना चाहता है, हालांकि उन्होंने बल प्रयोग का विकल्प भी खुला रखा है।
क्षेत्र में युद्ध की आहट: अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती और बढ़ता तनाव
ईरान के भीतर जनवरी में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र में सैन्य हलचल तेज है। अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने दो विमानवाहक पोतों (Aircraft Carriers) के साथ भारी मात्रा में सैन्य साजो-सामान तैनात कर दिया है। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह सैन्य अभ्यास और होर्मुज स्ट्रेट को बंद करना उसका 'प्लान-B' है, ताकि अगर वार्ता विफल होती है तो वह वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को बाधित कर अमेरिका और उसके सहयोगियों की कमर तोड़ सके।