Himachal Monsoon 2025 : भीषण बारिश ने मचाई तबाही, 424 लोग खोए, सड़कों पर जीवन अस्त-व्यस्त
- by Priyanka Tiwari
- 2025-09-19 16:24:00
India News Live,Digital Desk : हिमाचल प्रदेश में इस मानसून ने एक बार फिर कहर बरपाया है। 20 जून से अब तक राज्य में 424 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से 242 मौतें आपदाओं के कारण हुई हैं। सबसे अधिक नुकसान मंडी जिले में हुआ है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अचानक आई बाढ़, बिजली गिरने और अन्य प्राकृतिक खतरों में 242 लोग मारे गए, जबकि 182 मौतें सड़क हादसों में हुईं। 18 सितंबर की शाम तक, राज्य में दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 604 सड़कें बंद हैं। साथ ही, 228 सड़कें बिजली कटौती और 221 जलापूर्ति योजनाओं से प्रभावित हैं।
किस जिले में कितना नुकसान हुआ?
मंडी: सबसे अधिक मौतें; 42 बारिश और आपदाओं से, 24 सड़क हादसों में।
कांगड़ा: 35 आपदा, 22 सड़क हादसा।
चंबा: 28 आपदा, 22 सड़क हादसा।
शिमला: 24 आपदा, 24 सड़क हादसा।
बारिश और संबंधित घटनाओं में कुल 52, डूबने में 40, बादल फटने में 18, बाढ़ में 11 और बिजली गिरने से 19 लोग मरे। भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से कुल्लू और किन्नौर में सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ।
सड़कों और बिजली-पानी की स्थिति
600 से ज़्यादा सड़कें बंद हैं। प्रमुख मार्ग जैसे NH-03 (मनाली-अटल टनल) और NH-305 (आनी-जलोड़ी) भी कट गए हैं। मंडी जिले में 198 सड़कें बंद हैं, 143 बिजली आपूर्ति बाधित है और 126 जलापूर्ति योजनाएँ प्रभावित हैं। हज़ारों लोग फँसे हुए हैं।
आर्थिक और अन्य नुकसान
राज्य में 29,000 से ज़्यादा घर आंशिक या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। अनुमानित तौर पर 4.75 लाख पक्षी और 2,458 जानवर मारे गए। कुल आर्थिक नुकसान 47.49 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमान है।
हिमाचल के लोग और प्रशासन मिलकर राहत कार्यों में जुटे हैं, लेकिन यह मानसून अब तक का सबसे बड़ा संकट साबित हो रहा है।