यूपी में बेटियों की ऊंची उड़ान: 7 सालों में 1.75 लाख से अधिक को मिली सरकारी नौकरी, सीएम योगी ने गिनाया महिला कल्याण का 'दमदार' मॉडल...
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मिशन शक्ति' और महिला स्वावलंबन को अपनी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखा है। इसी का परिणाम है कि पिछले सात वर्षों में प्रदेश की 1.75 लाख से अधिक बेटियों ने सरकारी नौकरी पाकर न केवल अपने सपनों को साकार किया है, बल्कि प्रदेश की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों का ब्योरा पेश करते हुए साफ कर दिया कि यूपी अब महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित और अवसरवादी राज्य बनकर उभरा है।
खाकी से लेकर दफ्तरों तक बेटियों का दबदबा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंकड़ों के जरिए बताया कि कैसे 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में महिलाओं की भर्ती में क्रांतिकारी बदलाव आया है। अकेले पुलिस विभाग में ही हजारों महिला आरक्षियों की भर्ती की गई है, जिससे थानों में महिला डेस्क और सुरक्षा का माहौल बदला है। सीएम ने कहा कि आज प्रदेश की बेटियां केवल घर की चहारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे तहसीलदार, पुलिस अफसर, शिक्षक और डॉक्टर बनकर समाज का नेतृत्व कर रही हैं। सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर चयन ने बेटियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।
सुरक्षा और सम्मान के साथ जुड़ा स्वावलंबन
महिला कल्याण की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' और 'निराश्रित महिला पेंशन' जैसी योजनाओं को गेम-चेंजर बताया। उन्होंने कहा कि जन्म से लेकर पढ़ाई और शादी तक सरकार बेटियों के साथ खड़ी है। प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के जरिए लाखों ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है, जिससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हुई हैं। सीएम योगी के अनुसार, "सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन" का जो त्रिकोण यूपी में बना है, उसने पूरे देश के सामने एक नजीर पेश की है।
आधी आबादी के भरोसे बदल रही है यूपी की तस्वीर
सीएम ने जोर देकर कहा कि जब तक 'आधी आबादी' सशक्त नहीं होगी, तब तक विकसित प्रदेश की परिकल्पना अधूरी है। सात सालों का यह सफर इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के सीधे लाभार्थियों तक पहुँच रहा है। एंटी रोमियो स्क्वाड से लेकर पिंक बूथों तक, और शिक्षा से लेकर रोजगार तक, हर स्तर पर बेटियों को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में रिक्त पदों पर होने वाली भर्तियों में भी महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिलता रहेगा, ताकि यूपी की बेटियां वैश्विक पटल पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।