कैंसर के असहनीय दर्द में भी पत्नी का यूं रखा ख्याल, इरफान खान की इन अनदेखी तस्वीरों ने फैंस को किया इमोशनल
India News Live,Digital Desk : बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता इरफान खान भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और उनके किस्से अक्सर फैंस की आंखों में नमी ले आते हैं। हाल ही में उनके बेटे बाबिल खान ने सोशल मीडिया पर पिता इरफान की कुछ ऐसी तस्वीरें साझा की हैं, जिन्हें देखकर हर कोई भावुक हो रहा है। ये तस्वीरें उस दौर की हैं जब इरफान कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे, लेकिन उस दर्द में भी अपनी पत्नी सुतापा सिकदर के प्रति उनका प्यार और फिक्र कम नहीं हुई थी।
माथे पर टॉर्च की तरह बांधा फोन, फिर खुद निकाला पत्नी के पैर का कांटा
बाबिल खान द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में इरफान खान अपनी पत्नी सुतापा के पैरों से 'कॉर्न' (पैर का सख्त हिस्सा या गोखरू) निकालते नजर आ रहे हैं। बाबिल ने इस भावुक पल को शब्दों में पिरोते हुए लिखा कि जब बाबा कैंसर के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे थे, तब ममा दिन-रात उनकी सेवा में भागदौड़ करती थीं। इस थकान के कारण उनके पैरों में कॉर्न हो जाते थे। इरफान खुद बीमार होने के बावजूद अपने माथे पर फोन को लाइट सोर्स की तरह बांध लेते थे और बड़ी बारीकी से सुतापा के पैरों का इलाज करते थे। बाबिल ने लिखा, "वह प्रतिरोध की कड़ी सतह हटाते और प्यार की सॉफ्ट स्किन वापस लाते थे।"
सोशल मीडिया पर उमड़ा फैंस का प्यार, बोले- 'ऐसा पति मिलना नसीब की बात'
बाबिल के इस पोस्ट ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। फैंस कमेंट्स के जरिए इरफान खान को याद कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "पार्टनर चले जाते हैं लेकिन उनका प्यार हमेशा जिंदा रहता है।" वहीं एक अन्य फॉलोअर ने भावुक होते हुए लिखा कि सुतापा वाकई भाग्यशाली थीं कि उन्हें इरफान जैसा जीवनसाथी मिला। बाबिल अक्सर अपने पिता की याद में ऐसे पोस्ट शेयर करते रहते हैं, जो न केवल इरफान की महानता को दर्शाते हैं बल्कि बाबिल के अपने पिता के प्रति गहरे लगाव को भी दिखाते हैं।
न्यूरोइंडोक्राइन कैंसर और इरफान का आखिरी सफर
इरफान खान को साल 2018 में पता चला था कि उन्हें 'न्यूरोइंडोक्राइन कैंसर' है। इस खबर ने पूरी दुनिया में मौजूद उनके प्रशंसकों को झकझोर कर रख दिया था। लंबे इलाज और लंदन में वक्त बिताने के बाद वह भारत लौटे और अपनी आखिरी फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' की शूटिंग पूरी की। 29 अप्रैल 2020 को मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। इरफान ने 'सलाम बॉम्बे' से अपने करियर की शुरुआत की थी और 'लंच बॉक्स', 'पीकू', 'पान सिंह तोमर' जैसी फिल्मों के जरिए विश्व सिनेमा में अपनी अमिट छाप छोड़ी।
पिता की याद में अक्सर टूट जाते हैं बाबिल
इरफान के निधन के बाद बाबिल कई बार सोशल मीडिया पर अपनी मानसिक स्थिति और पिता की कमी को लेकर खुलकर बात कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने अपने बचपन की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा था कि वह फिर से शुरुआत करने के लिए अपने पिता को बहुत याद कर रहे हैं। बाबिल के इन पोस्ट्स को देखकर अक्सर उनके शुभचिंतक चिंता भी जताते हैं, लेकिन बाबिल का कहना है कि वह इन यादों के जरिए ही अपने पिता को अपने करीब महसूस करते हैं।