क्या वाइट हाउस में शुरू हो चुका है 2028 का 'ऑडिशन'? जेडी वेंस और मार्को रुबियो की रेस में कौन है ट्रंप का चहेता
India News Live,Digital Desk : अमेरिका की राजनीति में 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की सुगबुगाहट अभी से तेज हो गई है। वाइट हाउस का प्रेस ब्रीफिंग रूम, जो आमतौर पर सरकारी फैसलों की जानकारी देने की जगह है, अब एक 'अनौपचारिक ऑडिशन स्टेज' में बदल गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उत्तराधिकारी को लेकर शुरू हुई इस चर्चा में दो नाम सबसे आगे हैं—उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो।
प्रेस ब्रीफिंग रूम बना 'अखाड़ा'
हाल ही में वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट की मैटरनिटी लीव के दौरान, वेंस और रुबियो दोनों को प्रेस ब्रीफिंग की कमान सौंपी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह महज एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अपनी दावेदारी को मजबूती से पेश करने का मौका है। दो हफ्ते पहले मार्को रुबियो ने पोडियम संभाला था, तो मंगलवार को जेडी वेंस ने लगभग एक घंटे तक पत्रकारों के तीखे सवालों का सामना किया। इस दौरान वेंस का अंदाज बेहद संयत और नपा-तुला रहा, जो राष्ट्रपति ट्रंप की आक्रामक शैली से बिल्कुल अलग छाप छोड़ता है।
ट्रंप की नजरें: 'परफेक्ट टिकट' या महज एक खेल?
डोनाल्ड ट्रंप इस पूरी प्रक्रिया का भरपूर आनंद ले रहे हैं। वाइट हाउस में हाल ही में आयोजित एक डिनर के दौरान ट्रंप ने मेहमानों से सीधे पूछ लिया, "जेडी वेंस किसे पसंद हैं? और मार्को रुबियो किसे पसंद हैं?" दोनों नामों पर मेहमानों का उत्साह लगभग बराबर था। ट्रंप ने तंज और तारीफ के मिले-जुले अंदाज में कहा कि ये दोनों मिलकर एक 'परफेक्ट टिकट' (ड्रीम टीम) हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अभी किसी एक को समर्थन देना जल्दबाजी होगी। जब पत्रकारों ने ट्रंप से उनके बेहतर प्रदर्शन के बारे में पूछा, तो उन्होंने चतुराई से दोनों को 'बेहद काबिल' करार दिया।
वेंस और रुबियो का रुख क्या है?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने जेडी वेंस को 'भावी उम्मीदवार' कहा, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। वेंस ने साफ कहा, "मैं कोई भावी उम्मीदवार नहीं हूं, मैं देश का उपराष्ट्रपति हूं और अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाना चाहता हूं।" दूसरी ओर, मार्को रुबियो भी सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी महत्वाकांक्षा से बचते रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि वेंस चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो रुबियो उनके खिलाफ खड़े होने के बजाय उनका समर्थन करने का विकल्प चुन सकते हैं।
नीतिगत मोर्चे पर एकजुट
भले ही दोनों नेताओं के बीच भविष्य की दावेदारी को लेकर 'स्वस्थ प्रतिस्पर्धा' दिख रही हो, लेकिन नीतिगत मामलों में वे ट्रंप प्रशासन के साथ मजबूती से खड़े हैं। हाल ही में वेंस ने ईरान के खिलाफ ट्रंप प्रशासन के कड़े रुख और सहयोगियों के लिए बनाए गए 1.7 अरब डॉलर के फंड का खुलकर बचाव किया। जैसे-जैसे 2028 का समय करीब आएगा, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह 'अदृश्य मुकाबला' किसी एक नेता को ट्रंप का उत्तराधिकारी घोषित करेगा या रिपब्लिकन पार्टी एक नई रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी।