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July 03 2026 12:46 am

WhatsApp के Username फीचर पर सरकार की सख्त नजर, पहचान चोरी के खतरे पर मेटा को मिला 3 दिन का अल्टीमेटम

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नई दिल्ली ब्यूरो: मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप (WhatsApp) द्वारा हाल ही में रोलआउट किया गया बहुप्रतीक्षित यूजरनेम फीचर (Username Feature) अब अपनी सुरक्षा कमियों के कारण भारत सरकार के रडार पर आ गया है। डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन पहचान की चोरी (Impersonation) के संभावित जोखिमों को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Meity) ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी 'मेटा' (Meta) को इस फीचर के सुरक्षा मानकों से जुड़ी विस्तृत जानकारी 3 दिनों के भीतर सौंपने का कड़ा निर्देश जारी किया है।

नंबर छिपाने वाला यह नया फीचर आखिर क्यों बना सुरक्षा जोखिम?

वॉट्सऐप ने यूज़र्स की लंबे समय से चली आ रही प्राइवेसी की समस्या को दूर करने के लिए इस फीचर को पेश किया था। इसके तहत यूज़र्स को किसी अनजान व्यक्ति या बिजनेस से चैट करने के लिए अपना पर्सनल मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं होती, बल्कि वे एक यूनिक यूजरनेम के जरिए बातचीत कर सकते हैं।

हालांकि, इस प्राइवेसी फीचर ने ऑनलाइन फ्रॉड के नए रास्ते खोल दिए हैं। पेटीएम (Paytm) के संस्थापक विजय शेखर शर्मा सहित कई टेक एक्सपर्ट्स और डिजिटल क्रिएटर्स ने चेतावनी दी है कि स्कैमर्स (जालसाज) मशहूर हस्तियों, नामचीन बैंकों के ब्रांड्स और यहां तक कि सरकारी एजेंसियों से मिलते-जुलते यूजरनेम बनाकर आम लोगों को ठगने का काम कर सकते हैं।

आईटी मंत्रालय (Meity) का बयान: डिजिटल सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

सरकारी सूत्रों और आईटी मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, बिना कड़े वेरिफिकेशन के यूजरनेम रजिस्ट्रेशन की छूट देना देश की डिजिटल सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस फीचर के हर एक कानूनी और सुरक्षा पहलू की गहराई से जांच की जाएगी और देश के इंटरनेट यूज़र्स की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

वॉट्सऐप इंडिया की सफाई: धोखेबाजों से निपटने के लिए बनाए हैं ये 5 सुरक्षा कवच

सरकार की सख्ती और तकनीकी विशेषज्ञों की चिंताओं के बीच वॉट्सऐप इंडिया के प्रवक्ता ने इस नए फीचर की सुरक्षा पर सफाई दी है। कंपनी ने दावा किया है कि पहचान की चोरी और घोटालों को रोकने के लिए कई लेयर्ड प्रोटेक्शन (Layered Protection) लागू किए गए हैं:

आधिकारिक यूजरनेम रिजर्वेशन: नामचीन हस्तियों, सरकारी संगठनों और पहले से वेरिफाइड मेटा (Facebook/Instagram) अकाउंट्स के यूजरनेम सुरक्षित (Reserve) रखे गए हैं, ताकि कोई और उन पर दावा न कर सके।

ऑप्शनल यूजरनेम-की (Username Key): अननोन कॉन्टैक्ट्स को आपसे जुड़ने के लिए आपके सटीक यूजरनेम के साथ-साथ एक विशेष 'यूजरनेम-की' की भी जरूरत होगी, जिसे अनुमान लगाना (Guess करना) नामुमकिन होगा।

अकाउंट पर लिमिटेशन: कोई भी नया अकाउंट यूजरनेम के माध्यम से एक सीमित संख्या में ही नए लोगों से संपर्क कर पाएगा। इसके अलावा, कोई भी यूजर बार-बार अपना यूजरनेम नहीं बदल सकेगा।

ऑटोमेटेड डिटेक्शन और बैन: कंपनी का एआई-बेस्ड ऑटोमेटेड सिस्टम किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नकली पहचान का पता चलते ही उस अकाउंट को तुरंत प्रतिबंधित (Ban) कर देगा या यूजरनेम रद्द कर देगा।

डिटेल्ड मैसेज अलर्ट: जब भी किसी अननोन यूजरनेम से पहली बार मैसेज आएगा, तो वॉट्सऐप स्क्रीन पर उसकी पूरी डिटेल दिखाएगा, जिससे यूजर उसे ब्लॉक या रिपोर्ट कर सकेंगे।

सरकार और मेटा के बीच इस तकनीकी सुरक्षा जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि भारत में इस फीचर का भविष्य क्या होगा।