भूलकर भी न करें ये गलती! घर में तुलसी और शमी का पौधा एक साथ रखने से पहले जान लें वास्तु के ये कड़े नियम
हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में पेड़-पौधों का विशेष महत्व माना गया है। इनमें भी तुलसी और शमी के पौधे को सबसे ज्यादा चमत्कारी और पूजनीय स्थान प्राप्त है। जहां तुलसी के पौधे को सात्विक और दिव्य देव-ऊर्जा (मां लक्ष्मी) का प्रतीक माना जाता है, वहीं शमी के पौधे का सीधा संबंध न्याय के देवता शनि देव और भगवान शिव से है। बहुत से लोग अनजाने में इन दोनों पौधों को एक साथ या एक ही गमले में लगा देते हैं। लेकिन क्या वास्तु के अनुसार ऐसा करना सही है? आइए ज्योतिषाचार्य और वास्तु नियमों के अनुसार जानते हैं कि इन दोनों पौधों को घर में रखने का सही तरीका क्या है।
क्या तुलसी और शमी को एक साथ एक ही गमले में लगा सकते हैं?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी और शमी दोनों पौधों की प्रकृति, ऊर्जा और स्वभाव एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं। इसलिए, तुलसी और शमी के पौधे को कभी भी एक ही गमले में एक साथ नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से दोनों पौधों की ऊर्जा आपस में टकरा सकती है, जिससे घर की सुख-शांति प्रभावित होती है। हालांकि, इन्हें अलग-अलग गमलों में लगाकर एक-दूसरे के पास या आसपास रखना बिल्कुल भी अशुभ नहीं माना जाता, बशर्ते आप वास्तु के नियमों का पालन कर रहे हों।
वास्तु के अनुसार किस दिशा में रखें तुलसी और शमी का पौधा?
दोनों पौधों से सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल पाने के लिए उन्हें सही दिशा में रखना बेहद जरूरी है:
तुलसी के पौधे की सही दिशा: तुलसी को हमेशा घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) या उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। यह दिशा कुबेर और मां लक्ष्मी की मानी जाती है। यहां तुलसी का पौधा हरा-भरा रहने से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती।
शमी के पौधे की सही दिशा: शमी के पौधे को घर की दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) दिशा में लगाना सबसे उत्तम माना जाता है। इस दिशा में शमी का पौधा रखने से शनि देव की कुदृष्टि से बचाव होता है और घर के संकट दूर होते हैं।
पूजा करते समय रखें इस खास बात का ध्यान
यदि आपने इन दोनों पौधों को पास-पास रखा है, तो पूजा के समय एक विशेष नियम का पालन करें। वास्तु के अनुसार, शमी के पौधे को हमेशा इस तरह व्यवस्थित करें कि वह तुलसी के पौधे से थोड़ा दाईं (Right Side) ओर रहे। साथ ही, दोनों की पूजा और जल अर्पित करने के नियम अलग-अलग गमले के अनुसार ही पूरे होने चाहिए।
तुलसी और शमी पूजन के चमत्कारी लाभ
इन दोनों पवित्र पौधों की नियमित और सही विधि से पूजा करने पर घर की सभी नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं:
तुलसी पूजन का लाभ: तुलसी के पौधे के पास रोजाना सुबह-शाम घी का दीपक जलाना चाहिए और संभव हो तो परिक्रमा करनी चाहिए। इससे घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है और सुख-समृद्धि आती है।
शमी पूजन का लाभ: शनिवार के दिन शमी के पौधे की पूजा का विशेष महत्व है। शनिवार की शाम को शमी के पौधे के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं, जिससे कुंडली में मौजूद शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या का बुरा प्रभाव खत्म होता है।