Gold Price Crash: क्या कौड़ियों के भाव बिकेगा सोना? विशेषज्ञों का दावा ₹80,000 से नीचे गिर सकती हैं कीमतें, जानें क्या है 'रशियन कनेक्शन'

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India News Live,Digital Desk : पिछले कुछ समय से आसमान छू रही सोने की कीमतों (Gold Prices) ने आम आदमी के बजट को बिगाड़ कर रख दिया है। लेकिन अब वैश्विक बाजार से ऐसी खबरें आ रही हैं जो निवेशकों और खरीदारों दोनों को चौंका सकती हैं। आर्थिक विशेषज्ञों और 'ब्लूमबर्ग' की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, नए भू-राजनीतिक समीकरणों के कारण सोने की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट आ सकती है। अनुमान है कि आने वाले समय में सोना ₹70,000 से ₹80,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर तक लुढ़क सकता है।

आसमान से जमीन पर क्यों आएगा सोना?

पिछले महीने 29 जनवरी को सोने ने अपना ऐतिहासिक शिखर छुआ था, जब कीमतें ₹1.68 लाख प्रति 10 ग्राम (16,800 रुपये प्रति ग्राम) के करीब पहुंच गई थीं। लेकिन अचानक आई इस गिरावट की भविष्यवाणी के पीछे 3 मुख्य कारण बताए जा रहे हैं:

1. रूस का 'गोल्ड सेल' प्लान और डॉलर की वापसी

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा कारण रूस बनेगा। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण रूस अब तक डॉलर से बच रहा था, लेकिन आर्थिक दबाव के चलते अब वह फिर से अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल करने की तैयारी में है। डॉलर की अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस अपने विशाल स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) को वैश्विक बाजार में बेच सकता है। बाजार में सोने की भारी सप्लाई बढ़ने से इसकी कीमतें तेजी से नीचे आएंगी।

2. ब्रिक्स (BRICS) देशों की बदलती रणनीति

पिछले 6 महीनों में वैश्विक स्तर पर सोने की कुल खरीद में भारत, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी लगभग 50% रही है। डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ और व्यापार युद्ध के डर से ये देश डॉलर के बजाय सोना जमा कर रहे थे। लेकिन अगर रूस-अमेरिका के बीच समझौता होता है और ब्रिक्स देश फिर से डॉलर की ओर झुकते हैं, तो सोने की मांग (Demand) में भारी कमी आएगी, जिससे भाव गिरना तय है।

3. रूस-यूक्रेन युद्ध का संभावित अंत

यदि अमेरिका और रूस के बीच कोई व्यापार समझौता होता है और रूस-यूक्रेन युद्ध आधिकारिक रूप से समाप्त हो जाता है, तो वैश्विक अस्थिरता खत्म हो जाएगी। निवेशक अक्सर संकट के समय सोने में निवेश करते हैं, शांति बहाली के बाद वे अपना पैसा सोने से निकालकर शेयर बाजार या अन्य संपत्तियों में लगाएंगे, जो सोने की कीमतों को और नीचे धकेलेगा।

कब तक ₹80,000 के नीचे पहुंचेगा भाव?

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट रातों-रात नहीं होगी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह एक धीमी प्रक्रिया होगी।

अनुमान: विशेषज्ञों के मुताबिक, साल 2027 के अंत तक सोने की कीमतें ₹80,000 के स्तर के आसपास स्थिर हो सकती हैं।

मौजूदा स्थिति: हालांकि बाजार में अभी उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन दीर्घकालिक संकेत मंदी की ओर इशारा कर रहे हैं।

आम आदमी और निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो फिलहाल थोड़ा इंतजार करना समझदारी हो सकती है। वैश्विक समीकरणों के बदलने से सोने की चमक फीकी पड़ सकती है, जिससे खरीदारों को सस्ती दरों पर सोना खरीदने का मौका मिल सकता है।