Ghaziabad: यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले से आक्रोश, सीएम योगी ने डीजीपी को दिए सख्त निर्देश; 'सिर तन से जुदा' की साजिश का आरोप

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India News Live,Digital Desk : गाजियाबाद के लोनी इलाके में मशहूर यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले ने उत्तर प्रदेश की सियासत और सुरक्षा व्यवस्था में हड़कंप मचा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए हमलावरों के खिलाफ 'कठोरतम' कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि इस्लाम त्यागने और विचारधारा के विरोध के कारण सलीम वास्तिक का 'सिर तन से जुदा' करने का प्रयास किया गया है।

सीएम योगी का कड़ा संदेश: "यूपी में आतंक की कोई जगह नहीं"

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्णा को स्पष्ट निर्देश दिया है कि आरोपियों को पाताल से भी खोज निकाला जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कट्टरपंथी सोच और आतंकी कृत्यों के लिए कोई स्थान नहीं है और कानून दोषियों को ऐसा सबक सिखाएगा जो मिसाल बनेगा। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद गाजियाबाद पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए 10 विशेष टीमें गठित की हैं।

क्या है पूरा मामला? ऑफिस में घुसकर किया हमला

यूट्यूबर सलीम वास्तिक गाजियाबाद के लोनी स्थित अशोक विहार अली गार्डन कॉलोनी में अपने ऑफिस में थे। शुक्रवार को दो अज्ञात हमलावरों ने ऑफिस में घुसकर उनके गले पर चाकू से वार किया।

गंभीर हालत: हमले के बाद हमलावर फरार हो गए। लहूलुहान हालत में सलीम को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

वजह: सलीम वास्तिक ने इस्लाम धर्म त्याग दिया था और वे अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से कट्टरपंथ के खिलाफ मुखर रहते थे। माना जा रहा है कि इसी रंजिश के कारण उन पर यह आत्मघाती हमला हुआ है।

हिंदू संगठनों में भारी रोष: बड़े आंदोलन की चेतावनी

इस घटना के बाद हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। हिंदू महासभा ने इस हमले की तुलना कमलेश तिवारी और कन्हैया लाल हत्याकांड से करते हुए कहा कि कट्टरपंथी अब उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जो इस्लाम की कमियों पर बात करते हैं। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जिहादी तत्वों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, यति नरसिम्हानंद को रोका गया

सलीम वास्तिक पर हमले की खबर मिलते ही लोनी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच, डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिम्हानंद ने अस्पताल जाकर सलीम से मिलने का प्रयास किया, लेकिन कानून-व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और महंत के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

पुलिस की जांच: सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही टीमें

गाजियाबाद पुलिस अली गार्डन कॉलोनी और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि हमलावरों की पहचान के लिए कई अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। खुफिया एजेंसियां (LIU) भी इस मामले में आतंकी या किसी संगठित कट्टरपंथी गिरोह के हाथ होने की जांच कर रही हैं।