घर बैठे मिनटों में बनाएं अपने पते का डिजिटल कोड! डाक विभाग के डिजिपिन से ऐसे आसान होगा डिलीवरी का रास्ता
भारत में पारंपरिक पते अक्सर गलियों, मोहल्लों और लैंडमार्क के भ्रम में उलझ कर रह जाते हैं। कई बार कूरियर डिलीवरी बॉय, एम्बुलेंस या आपातकालीन सेवाओं को सटीक दरवाजे तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। इसी जटिल समस्या का आधुनिक और सटीक समाधान पेश करते हुए डाक विभाग (Department of Posts) ने 'डिजिपिन' (DigiPIN - Digital Postal Index Number) की पहल शुरू की है। यह एक अल्फान्यूमेरिक डिजिटल एड्रेस कोड है जो किसी भी स्थान, मकान या इमारत की सटीक अक्षांश (Latitude) और देशांतर (Longitude) भौगोलिक स्थिति पर आधारित होता है। डिजिपिन बन जाने के बाद लंबा-चौड़ा पता लिखने की जरूरत नहीं रह जाती, बल्कि यह कोड डालते ही कोई भी व्यक्ति सीधे आपके मुख्य द्वार तक पहुंच सकता है।
क्या है डिजिपिन और कैसे काम करता है यह 4x4 मीटर का डिजिटल ग्रिड सिस्टम
डिजिपिन एक राष्ट्रीय डिजिटल एड्रेसिंग ग्रिड सिस्टम पर काम करता है। इसमें देश भर के पूरे भू-भाग को लगभग 4x4 मीटर के छोटे-छोटे डिजिटल ब्लॉकों में विभाजित किया गया है। हर 4x4 मीटर के ग्रिड को एक विशिष्ट अल्फान्यूमेरिक कोड (अंकों और अक्षरों का संयोजन) आवंटित किया जाता है। इसका अर्थ यह है कि आपके घर का मुख्य गेट किस अक्षांश और देशांतर पर स्थित है, यह कोड सीधे उसी बिंदु को चिन्हित करता है। यह प्रणाली पारंपरिक पिनकोड (PIN Code) से कई गुना अधिक सटीक है, क्योंकि पारंपरिक पिनकोड पूरे इलाके या कस्बे का एक होता है, जबकि डिजिपिन हर एक मकान की विशिष्ट पहचान बनता है।
स्मार्टफोन से अपने घर का डिजिपिन बनाने का सबसे आसान तरीका
अपने घर या कार्यालय का डिजिपिन बनाना बेहद आसान है और इसके लिए किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है। सबसे पहले अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर के वेब ब्राउजर में डाक विभाग के आधिकारिक डिजिपिन पोर्टल पर जाएं। पोर्टल पर पहुंचते ही अपने डिवाइस की 'लोकेशन सर्विस' (GPS) को चालू रखें ताकि सिस्टम आपके वर्तमान स्थान को स्वतः ट्रैक कर सके। पोर्टल पर दिए गए डिजिटल नक्शे पर आपकी लोकेशन एक पिन के रूप में दिखाई देगी। यदि आप अपने उसी पते पर मौजूद हैं जिसका कोड बनाना चाहते हैं, तो 'Use Current Location' विकल्प पर क्लिक करें। यदि आप किसी दूसरे स्थान से अपने पैतृक घर का कोड बना रहे हैं, तो नक्शे पर ज़ूम-इन करके अपने मकान की छत या मुख्य प्रवेश द्वार पर पिन को मैन्युअली सेट करें।
पिन सेट करते ही स्क्रीन पर मिलेगा अल्फान्यूमेरिक कोड, ऐसे करें सुरक्षित
जैसे ही आप नक्शे पर अपने घर के सटीक बिंदु पर पिन ड्रॉप करेंगे, पोर्टल तुरंत उस 4x4 मीटर ग्रिड के लिए एक 10 या 12 अंकों का विशिष्ट अल्फान्यूमेरिक डिजिपिन कोड जनरेट कर देगा। स्क्रीन पर यह कोड दिखने के साथ ही उसके नीचे 'कॉपी' और 'शेयर' का विकल्प मिलेगा। इस कोड को अपनी निजी डायरी, मोबाइल नोट्स या एड्रेस बुक में सुरक्षित सहेज कर रख लें। भविष्य में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स, सरकारी पहचान पत्रों या पार्सल मंगवाने के लिए लंबे पते के साथ इस कोड को दर्ज करने से डिलीवरी पार्टनर बिना किसी फोन कॉल के सीधे आपके दरवाजे पर पहुंच सकेंगे।
आपातकालीन सेवाओं और ई-कॉमर्स डिलीवरी के लिए वरदान साबित होगा डिजिपिन
डिजिपिन केवल ऑनलाइन शॉपिंग और कूरियर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपातकालीन स्थितियों में जीवनरक्षक साबित हो सकता है। पुलिस, दमकल (फायर ब्रिगेड) और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए रात के समय या घनी आबादी वाली संकरी गलियों में मकान ढूंढना सबसे बड़ी चुनौती होती है। डिजिपिन सिस्टम जीपीएस नेविगेशन से सीधे जुड़ा होने के कारण रेस्क्यू टीम बिना किसी भटकाव के पीड़ित के घर तक सेकंड्स में पहुंच सकती है। इसके अलावा बैंकिंग, पासपोर्ट वेरिफिकेशन और विभिन्न सरकारी योजनाओं में डिजिटल पते के सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी तरह कागजरहित और पारदर्शी हो जाएगी।