‘अच्छा सिला दिया’ से लेकर ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए’ तक, गीतकार योगेश के वो सदाबहार गाने जिन्होंने इतिहास रच दिया
हिंदी सिनेमा में जब भी दिल टूटे आशिकों के दर्द या जिंदगी के फलसफे को पन्नों पर उतारने की बात आती है, तो कुछ गीतकार इतिहास रच जाते हैं। साल 1995 में आई म्यूजिकल थ्रिलर फिल्म 'बेवफा सनम' (Bewafa Sanam) के गानों ने उस दशक में म्यूजिक इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था। इस फिल्म की कहानी भले ही लोगों को धुंधली याद हो, लेकिन इसके गाने आज भी हर टूटे दिल का मरहम हैं। क्या आप जानते हैं कि ‘अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का’ जैसा कालजयी दर्दनाक गाना लिखने वाले गीतकार कौन थे? वे कोई और नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के दिग्गज और गुमनाम नायकों में से एक गीतकार योगेश (Lyricist Yogesh) थे।
'बेवफा सनम' के गानों से जब सोनू निगम बने 'दर्द के बादशाह'
फिल्म 'बेवफा सनम' (टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार के भाई कृष्ण कुमार और शिल्पा शिरोडकर स्टारर) में कुल 9 गाने थे। इनमें से सबसे ज्यादा लोकप्रिय हुए 4 गानों को योगेश ने ही अपनी कलम से लिखा था, जिन्हें संगीतकार जोड़ी निखिल-विनय ने कंपोज किया था। इन गानों ने सिंगर सोनू निगम के करियर को एक नई ऊंचाई दी:
'अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का'
'वफा ना रास आई तुझे ओ हरजाई'
'ओ दिल तोड़कर हंसती हो मेरा'
'ये धोखे प्यार के धोखे'
इन गानों को सोनू निगम, उदित नारायण, पूर्णिमा और नितिन मुकेश जैसे दिग्गज गायकों ने अपनी आवाज से अमर बना दिया। आज 30 साल बाद भी इन गानों में प्यार की तड़प और दर्द का वही अहसास जिंदा है।
राजेश खन्ना के करियर को दिया सबसे बड़ा गाना: 'आनंद' के अमर गीत
गीतकार योगेश को भले ही बॉलीवुड में वो लाइमलाइट या व्यावसायिक पहचान नहीं मिली जो अन्य समकालीन गीतकारों को मिली, लेकिन उनके लिखे चुनिंदा गाने भारतीय सिनेमा की धरोहर बन चुके हैं।
सुपरस्टार राजेश खन्ना के करियर की सबसे बेहतरीन और कल्ट क्लासिक फिल्म 'आनंद' (Anand - 1971) के सभी कालजयी गाने योगेश की कलम से ही निकले थे। जिंदगी और मौत के फलसफे को बयां करते ये दो गाने आज भी हर पीढ़ी की जुबां पर रहते हैं:
"कहीं दूर जब दिन ढल जाए, सांझ की दुल्हन बदन चुराए, चुपके से आए..."
"जिंदगी कैसी है पहेली, हाय! कभी तो हंसाए, कभी ये रुलाए..."
अमिताभ बच्चन का वो मशहूर रोमांटिक गाना भी योगेश ने लिखा
योगेश की लेखनी सिर्फ दर्द भरे गानों तक सीमित नहीं थी। अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी पर फिल्माया गया बॉलीवुड का सबसे आइकॉनिक बारिश गीत ‘रिमझिम गिरे सावन’ (फिल्म: मंजिल) भी योगेश ने ही लिखा था। आर. डी. बर्मन के संगीत और किशोर कुमार व लता मंगेशकर की आवाज में सजा यह गाना आज भी मानसून का पर्याय माना जाता है।
साल 2020 में दुनिया को कह गए अलविदा
दिल के दर्द और जीवन की सच्चाई को बेहद सादगी और खूबसूरती से पन्नों पर उतारने वाले गीतकार योगेश अब हमारे बीच नहीं हैं। साल 2020 में उन्होंने इस फानी दुनिया को अलविदा कह दिया था। भले ही उन्होंने कम फिल्मों के लिए काम किया, लेकिन उनके लिखे गाने आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में धड़कते हैं।