फिरोजाबाद कोर्ट का बड़ा फैसला; डेढ़ महीने के मासूम को 8 बार जमीन पर पटककर दी थी दर्दनाक मौत
फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से एक बेहद बड़ी और इंसाफ से जुड़ी खबर सामने आ रही है। शिकोहाबाद के चर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले आरव हत्याकांड (Arav Murder Case) में अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जिला जज डॉ. बब्बू सारंग ने महज डेढ़ महीने के मासूम बच्चे को जमीन पर आठ बार बेरहमी से पटक-पटक कर मार डालने वाले रिश्ते के कलयुगी चाचा विराज पाठक को हत्या का दोषी करार दिया है। देश को झकझोर देने वाले इस नृशंस हत्याकांड में अदालत द्वारा दोषी को दी जाने वाली सजा का ऐलान 10 जुलाई 2026, दिन शुक्रवार को किया जाएगा। मासूम बच्चे की मां ने कोर्ट से आरोपी के लिए सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा (Death Penalty) की मांग की है।
एकतरफा प्यार और सनक का खौफनाक अंत: बच्चे को रास्ते का रोड़ा समझकर ले ली जान
यह दिल दहला देने वाली वारदात फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित यादव कॉलोनी में 30 मई को दोपहर के समय घटित हुई थी। पुलिस जांच में जो हकीकत सामने आई, वह बेहद चौंकाने वाली थी। सिरसागंज तहसील के बामई गांव की रहने वाली रति की शादी बदायूं निवासी सुमित उर्फ प्रियंक से हुई थी, लेकिन घरेलू विवाद के कारण रति अपने पति से तलाक (Divorce) लेना चाहती थी। इसी बीच, रति के रिश्ते में लगने वाला देवर विराज पाठक (निवासी शेखुपुरा, बदायूं) रति पर एकतरफा प्यार के चलते शादी करने का मानसिक दबाव बना रहा था। विराज को लगता था कि रति का डेढ़ महीने का मासूम बेटा आरव उसकी राह का सबसे बड़ा रोड़ा है। इसी सनक में उसने सरेराह मासूम आरव को छीनकर जमीन पर आठ बार बेरहमी से पटका, जिससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। इस वारदात का एक खौफनाक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद देश भर में गुस्से की लहर दौड़ गई थी।
पुलिस मुठभेड़ में दबोचा गया था हत्यारा, मां बोली— जब तक वह फंदे पर नहीं लटकेगा, आत्मा को शांति नहीं मिलेगी
वारदात के बाद आरोपी विराज पाठक मौके से फरार हो गया था, लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही घंटों के भीतर घेराबंदी कर उसे एक मुठभेड़ (Encounter) के दौरान गिरफ्तार कर लिया था। इस एनकाउंटर में पुलिस की गोलियां आरोपी के दोनों पैरों में लगी थीं। कोर्ट द्वारा विराज को दोषी ठहराए जाने के बाद भावुक होकर बच्चे की मां रति ने मीडिया से कहा, "उस दरिंदे ने मेरे कलेजे के टुकड़े की बहुत बेरहमी से जान ली थी। मैं अदालत से हाथ जोड़कर प्रार्थना करती हूँ कि उसे सिर्फ फांसी की सजा दी जाए। जब तक मैं उस कातिल को फंदे पर लटकता नहीं देख लेती, तब तक न तो मुझे चैन मिलेगा और न ही मेरे मासूम बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी।"
यूपी पुलिस का रिकॉर्ड क्रैकडाउन: महज एक हफ्ते में चार्जशीट, 15 दिनों में 13 गवाहियां पूरी
इस संवेदनशील मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और अभियोजन पक्ष ने न्याय की प्रक्रिया को गति देने के लिए मिसाल कायम की है। शिकोहाबाद पुलिस ने चौतरफा दबाव के बीच वारदात के महज एक सप्ताह के भीतर अदालत में पुख्ता चार्जशीट (Charge Sheet) दाखिल कर दी थी। इसके तुरंत बाद केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर किया गया, जहां 15 जून से गवाही की प्रक्रिया शुरू हुई। सरकारी जिला शासकीय अधिवक्ता (DGC) राजीव उपाध्याय प्रियदर्शी ने बताया कि अदालत में वैज्ञानिक साक्ष्यों, वायरल वीडियो और कुल 13 महत्वपूर्ण गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी का दोष अकाट्य रूप से साबित हुआ। अब पूरे देश और जिले की निगाहें 10 जुलाई को आने वाले सजा के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।