यूपी में EWS सर्टिफिकेट अब घर बैठे बनेगा: ऑनलाइन आवेदन शुरू, तहसीलों के चक्कर खत्म
उत्तर प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (Economically Weaker Section - EWS) के सामान्य वर्ग परिवारों के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक युगांतरकारी और पारदर्शी प्रशासनिक सुधार लागू किया है। राज्य शासन के कड़े निर्देशों के तहत अब ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने की पूरी व्यवस्था को शत-प्रतिशत ऑनलाइन कर दिया गया है। पहले जहां आवेदकों को पटवारी, लेखपाल, कानूनगो और तहसील कार्यालयों के अनगिनत चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब पात्र नागरिक अपने मोबाइल फोन या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के जरिए घर बैठे ही इसके लिए आवेदन कर सकेंगे।
शासन के इस फैसले से अमेठी जिले सहित प्रदेश के सभी 75 जनपदों में रहने वाले सामान्य वर्ग के उन जरूरतमंद परिवारों को सीधी राहत मिली है, जो आरक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए महीनों तक दफ्तरों की खाक छानते थे। अमेठी के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) पी.के. मिश्र ने इस संबंध में प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पुष्टि करते हुए बताया कि शासन के आदेशानुसार डिजिटल पोर्टल पर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र की नई सेवा को सक्रिय कर दिया गया है। अब किसी भी नागरिक को फॉर्म जमा करने या सत्यापन कराने के लिए राजस्व दफ्तरों में घंटों कतार में खड़े होने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।
जानिए कैसे होगा ऑनलाइन आवेदन और जरूरी दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन
नई ऑनलाइन कार्यप्रणाली के तहत पूरी प्रक्रिया को अत्यंत सुगम, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बना दिया गया है। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से पात्र आवेदक को अपना व्यक्तिगत विवरण, पारिवारिक पृष्ठभूमि और आय संबंधी डेटा दर्ज करना होगा। आवेदन के समय ही आवेदक को अपने सभी संबंधित अभिलेख जैसे आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, परिवार की समग्र वार्षिक आय का विवरण और भूमि या अचल संपत्ति से जुड़े जरूरी दस्तावेज पीडीएफ प्रारूप में ऑनलाइन अपलोड करने होंगे।
दस्तावेज अपलोड होते ही डिजिटल फाइल संबंधित क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक और हल्का लेखपाल के पास ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाएगी। लेखपाल और संबंधित अधिकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर डिजिटली ही इन अभिलेखों का सत्यापन (Verification) करेंगे। यदि जांच में आवेदक ईडब्ल्यूएस श्रेणी के सभी सरकारी पैमानों पर खरा पाया जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी (तहसीलदार या एसडीएम) द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) के माध्यम से प्रमाण पत्र को ऑनलाइन स्वीकृत कर दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आवेदक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और एप्लीकेशन आईडी के जरिए घर बैठे आवेदन की वर्तमान स्थिति (Application Tracking) जान सकेंगे।
सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में 10% आरक्षण का मिलता है लाभ
ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र का महत्व वर्तमान समय में युवाओं के करियर के लिए निर्णायक भूमिका निभाता है। भारतीय संविधान के 103वें संशोधन के तहत सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकार की सभी नौकरियों में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जाता है। इसके अलावा देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों जैसे आईआईटी, आईआईएम, एम्स, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राज्य के मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के दौरान भी ईडब्ल्यूएस श्रेणी के छात्रों के लिए 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहती हैं।
पहले ऑफलाइन व्यवस्था में प्रमाण पत्र बनवाने में अत्यधिक समय लग जाता था, जिसके कारण कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन की अंतिम तिथि निकल जाती थी या फिर छात्र काउंसलिंग के समय प्रमाण पत्र प्रस्तुत न कर पाने के कारण आरक्षण के लाभ से वंचित रह जाते थे। इस नई डिजिटल प्रणाली के लागू होने से न केवल युवाओं का बहुमूल्य समय और धन बचेगा, बल्कि बिचौलियों व दलालों के हस्तक्षेप पर भी पूरी तरह लगाम लगेगी। प्रमाण पत्र तैयार होते ही आवेदक इसे सीधे पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे, जो पूरे देश में हर जगह कानूनी रूप से मान्य होगा।
पारदर्शी सुशासन की दिशा में बड़ा कदम: तय समय-सीमा में जारी होंगे डिजिटल प्रमाण पत्र
अमेठी के एसडीएम पी.के. मिश्र ने बताया कि इस ऑनलाइन व्यवस्था को सेवा का अधिकार (Right to Public Services) के तहत तय समय-सीमा के अंतर्गत बांधा गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के फील्ड अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे ईडब्ल्यूएस आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें। जैसे ही सत्यापन की रिपोर्ट सकारात्मक आएगी, तुरंत कंप्यूटर प्रणाली द्वारा बारकोड और डिजिटल साइन युक्त ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट निर्गत कर दिया जाएगा।
डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम आम जनता के जीवन को आसान (Ease of Living) बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है। अब छात्र और प्रतियोगी छात्र बिना किसी मानसिक तनाव के सीधे अपने परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे और प्रमाण पत्र की औपचारिकताएं केवल कुछ क्लिक्स में पूरी हो जाएंगी।