UP Weather Alert: मानसून का यू-टर्न, कानपुर-औरैया में झमाझम बारिश; 72 घंटे का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में तीखी धूप और चिपचिपी उमस झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लगभग एक सप्ताह के लंबे सूखे और भीषण उमस के बाद मानसून ने शनिवार को कानपुर और उसके आसपास के जनपदों में अचानक जोरदार यू-टर्न लिया। दोपहर तक चिलचिलाती धूप के कारण लोग पसीने से तर-बतर थे, लेकिन दोपहर ढलते ही आसमान का मिजाज पूरी तरह बदल गया। देखते ही देखते शहर के ऊपर घने काले कजरारे बादलों का ऐसा डेरा जमा कि दिन में ही शाम जैसा गहरा अंधेरा छा गया। इसके तुरंत बाद बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया, जिसने पूरे शहर को पानी-पानी कर दिया।
शनिवार को हुई इस तेज वर्षा से शहर के अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे कई दिनों से उमस भरी गर्मी से त्रस्त आम जनता को बड़ी राहत मिली। ठंडी हवाओं के चलने से वातावरण बेहद सुहाना हो गया। हालांकि, तेज और लगातार हुई बारिश के चलते कानपुर नगर के प्रमुख चौराहों, निचले इलाकों और मुख्य मार्गों पर भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। कल्याणपुर, गोविंद नगर, किदवई नगर और सिविल लाइंस की सड़कों पर जलभराव से दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को रेंग-रेंग कर निकलना पड़ा, जिससे शाम के व्यस्त समय में राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मौसम विज्ञानियों ने बताया इसे मानसून का यू-टर्न, जानिए किन वेदर सिस्टम्स से बदला मिजाज
सीएसए कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. पांडेय के अनुसार, यह मौसमी बदलाव असल में मानसून की वापसी (रिट्रीटिंग मानसून) के दौर में बनने वाले विशेष वेदर सिस्टम्स के कारण हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की क्रमिक वापसी की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। आमतौर पर वापसी के समय मानसूनी हवाएं उत्तर भारत के वायुमंडल में मौजूद स्थानीय नमी और तापमान के साथ मिलकर तीव्र संवहनीय बादलों (कन्वेक्टिव क्लाउड्स) का निर्माण करती हैं, जिससे अचानक तेज आंधी और भारी वर्षा की घटनाएं देखने को मिलती हैं।
इसके अलावा देश के मध्य और प्रायद्वीपीय हिस्सों में एक साथ दो बड़े मौसमी तंत्र पूरी तरह सक्रिय बने हुए हैं। पहला बड़ा वेदर सिस्टम एक सुस्पष्ट ट्रफ लाइन के रूप में सक्रिय है, जो दक्षिणी गुजरात से शुरू होकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड के वायुमंडल से गुजर रही है। दूसरा तंत्र वायुमंडल के निचले स्तर पर तमिलनाडु तट से केंद्रीय तमिलनाडु, उत्तरी केरल और तटीय कर्नाटक से होते हुए उत्तरी कोंकण तक फैला हुआ है। इन दोनों शक्तिशाली प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार प्रचुर मात्रा में नम हवाएं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की ओर खिंच रही हैं, जिसके चलते उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में गरज-चमक के साथ वर्षा की गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं।
औरैया और कानपुर देहात में भी जमकर बरसे बादल, किसानों के चेहरे पर लौटी रौनक
मानसून के इस ताजा यू-टर्न का असर सिर्फ कानपुर नगर तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में भी इसका व्यापक प्रभाव देखा गया। औरैया जिले में भी दोपहर बाद अचानक आसमान में घने बादलों की घेराबंदी हुई और तेज हवाओं के झोंकों के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से जहां एक ओर पारे में गिरावट आने से लोगों को उमस से निजात मिली, वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय और प्रमुख कस्बाई बाजारों की कच्ची सड़कों पर कीचड़ और जलभराव होने से पैदल आवागमन करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इसी प्रकार कानपुर देहात के रसूलाबाद, अकबरपुर, डेरापुर और आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी दोपहर बाद बादलों ने जमकर पानी बरसाया। धान और बाजरे की फसलों के लिए यह बारिश बेहद लाभकारी मानी जा रही है, क्योंकि पिछले एक सप्ताह से बारिश न होने के कारण खेतों में नमी तेजी से कम हो रही थी और किसानों को निजी नलकूपों से सिंचाई करनी पड़ रही थी। इस प्राकृतिक वर्षा से फसलों को नया जीवन मिला है, जिससे कृषक वर्ग के चेहरे खिल उठे हैं।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम: यूपी के कई जनपदों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, सक्रिय ट्रफ लाइन और मानसूनी हवाओं के मेल से उत्तर प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही अस्थिर बना रहेगा। कानपुर, लखनऊ, उन्नाव, औरैया, फतेहपुर, कन्नौज और इटावा सहित मध्य यूपी के जिलों में रुक-रुक कर बादलों की आवाजाही और मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि भले ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक विदाई का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण सितंबर के अंतिम सप्ताह तक छिटपुट से लेकर भारी बारिश का दौर बीच-बीच में देखने को मिलता रहेगा।
प्रशासन और मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें। अगले 48 से 72 घंटों के दौरान कानपुर मंडल के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।