EPFO Interest Rate: पीएफ खाताधारकों की बल्ले-बल्ले! 2025-26 के लिए ब्याज दरों पर लगी मुहर, जानें आपके फंड पर क्या होगा असर

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India News Live,Digital Desk : देश के करीब 7 करोड़ कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ (PF) पर मिलने वाले ब्याज की दरों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। नई दिल्ली में आयोजित सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की अहम बैठक में यह फैसला लिया गया कि खाताधारकों को इस साल भी 8.25% की दर से ब्याज दिया जाएगा। बाजार की मौजूदा अस्थिरता के बावजूद सरकार ने ब्याज दरों को स्थिर रखकर मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है।

लगातार दूसरे साल 8.25% रिटर्न का तोहफा

वेतनभोगी वर्ग के लिए पीएफ का पैसा उनके रिटायरमेंट की सबसे बड़ी पूंजी होती है। ईपीएफओ ने पिछले वित्त वर्ष (2024-25) में भी ब्याज दर 8.25% रखी थी, जो कि 2023-24 के 8.15% से थोड़ी अधिक थी। इस बार भी दरों में कोई कटौती न करना निवेशकों की वित्तीय सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अब सीबीटी का यह प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद करोड़ों कर्मचारियों के खातों में ब्याज का पैसा क्रेडिट होना शुरू हो जाएगा।

ऐतिहासिक उतार-चढ़ाव: चार दशकों का सबसे निचला स्तर भी देखा

अगर हम पीएफ की ब्याज दरों के इतिहास पर नजर डालें, तो इसमें काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है:

सबसे कम दर: वित्त वर्ष 2021-22 में दर गिरकर 8.10% हो गई थी, जो 1977-78 के बाद का सबसे निचला स्तर था।

स्वर्ण काल: साल 2015-16 में कर्मचारियों को 8.80% का शानदार रिटर्न मिला था।

कोविड काल: साल 2019-20 और 2020-21 के दौरान ब्याज दर 8.50% पर स्थिर रही थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि अन्य सुरक्षित निवेश विकल्पों (जैसे बैंक FD या PPF) की तुलना में मौजूदा 8.25% की दर अभी भी काफी आकर्षक है।

कैसे तय होता है आपके पीएफ का ब्याज?

अक्सर खाताधारकों के मन में सवाल होता है कि ब्याज की गणना कैसे की जाती है। ईपीएफओ सदस्यों के पैसे को मुख्य रूप से तीन जगह निवेश करता है:

सरकारी प्रतिभूतियां (Government Securities)

बॉन्ड यील्ड (Bond Yield)

इक्विटी (शेयर बाजार)

इन निवेशों से होने वाली कुल वार्षिक आय के आधार पर ही साल के अंत में ब्याज दर निर्धारित की जाती है।

बैंक FD से क्यों बेहतर है पीएफ निवेश?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही इस बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन पीएफ अभी भी सबसे बेहतरीन बचत योजना है।

चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding Interest): पीएफ में आपको चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता है, जिससे लंबे समय में आपका छोटा निवेश भी एक विशाल रिटायरमेंट फंड बन जाता है।

टैक्स छूट: पीएफ में निवेश पर आयकर की धारा 80C के तहत छूट मिलती है, जो इसे बैंक एफडी से कहीं अधिक लाभदायक बनाती है।

निश्चित आय: शेयर बाजार की तुलना में यहां आपका मूलधन और ब्याज दोनों सुरक्षित रहते हैं।