श्रमिकों व गिग वर्कर को 'डबल सौगात': दिल्ली में बनेंगे भव्य रेस्टिंग सेंटर, 717 परिवारों को मिलेंगे पक्के फ्लैट

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India News Live,Digital Desk : दिल्ली सरकार ने राजधानी के गिग वर्कर्स (डिलीवरी पार्टनर, राइडर्स) और निर्माण श्रमिकों के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की 35वीं बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को हरी झंडी दी गई। इस फैसले के तहत अब श्रमिकों को सस्ता भोजन और आराम की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेगी।

रेस्टिंग सेंटर और अटल कैंटीन का होगा संगम

मुख्यमंत्री ने गिग वर्कर के साथ हुई पिछली बैठक में मिले सुझावों पर अमल करते हुए रेस्टिंग सेंटर बनाने की योजना को मंजूरी दी है।

एक जगह दो सुविधाएं: ये सेंटर अटल कैंटीन के पास बनाए जाएंगे। यहां श्रमिक न केवल 5 रुपये में पौष्टिक भोजन कर सकेंगे, बल्कि काम के बीच में आराम भी कर पाएंगे।

बुनियादी सुविधाएं: इन केंद्रों पर यूरिनल और पीने के साफ पानी की व्यवस्था की जाएगी।

समय सारिणी: अटल कैंटीन में लंच सुबह 10:30 से दोपहर 2:00 बजे तक और डिनर शाम 6:00 से रात 9:30 बजे तक उपलब्ध होगा।

सावदा-घेवरा के 717 परिवारों का सपना होगा सच

झुग्गीवासियों के पुनर्वास की दिशा में सरकार ने सावदा-घेवरा में 717 परिवारों को ईडब्ल्यूएस (EWS) फ्लैट आवंटित करने का फैसला लिया है।

इसमें 528 पात्र और 189 अपात्र श्रेणी के परिवार शामिल हैं।

आर्थिक सहायता: केंद्र सरकार की ओर से प्रति लाभार्थी 1.12 लाख रुपये की मदद मिलेगी। लाभार्थियों को रखरखाव के लिए केवल 30 हजार रुपये जमा करने होंगे।

इसके अलावा इंदिरा कैंप, राजीव कैंप और न्यू संजय कैंप के 221 अन्य विस्थापितों को भी पक्के घर दिए जाएंगे।

फ्लैटों की मरम्मत और बुनियादी ढांचे का विकास

बैठक में पुराने फ्लैटों की हालत सुधारने के लिए भी बजट आवंटित किया गया है:

सुल्तानपुरी: यहां के 1060 फ्लैटों की मरम्मत की जाएगी।

द्वारका सेक्टर-16B: हजारों फ्लैटों को रहने लायक बनाने के लिए नवीनीकरण कार्य शुरू होगा।

भलस्वा: 7400 फ्लैटों के परिसर में सड़क, सीवर, पार्क और रास्तों का विकास किया जाएगा ताकि वहां रह रहे लोगों का जीवन स्तर सुधरे।

प्रशासनिक कार्यों में आएगी तेजी

प्रोजेक्ट्स को गति देने के लिए डूसिब के सीईओ की वित्तीय मंजूरी की सीमा को 3 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही, शेल्टर होम चला रही एजेंसियों का कार्यकाल 31 मई तक बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण और पुनर्वास कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।