Double drone attack : तुर्की ने बताया कैसे बचाई गई क्रू की जान

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India News Live,Digital Desk : तुर्की ने बताया है कि ब्लैक सी के पास रूस के शैडो फ्लीट से जुड़े एक टैंकर ‘विराट’ पर बिना पायलट वाले जहाजों ने हमला किया। यह हमला शनिवार सुबह सामने आया, जबकि इससे कुछ घंटे पहले शुक्रवार देर रात भी इसी जहाज पर हमला हुआ था।

तुर्किए के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि हमले के बाद ‘विराट’ को हल्का नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन उसकी स्थिति नियंत्रण में है और जहाज के सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। मंत्रालय के मुताबिक, यह हमला ब्लैक सी में तट से करीब 35 मील दूर हुआ और जहाज के स्टारबोर्ड हिस्से, यानी दाईं ओर पानी की लाइन के ऊपर मामूली नुकसान देखा गया।

किसने किया हमला?

अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन हमलों के पीछे कौन था। तुर्की के मुताबिक, जांच जारी है और फिलहाल किसी समूह या देश की ओर से जिम्मेदारी का दावा नहीं किया गया है।

इसके साथ ही अधिकारियों ने बताया कि रूस की ओर जा रहे एक और टैंकर—‘कैरोस’—पर भी ब्लैक सी में धमाके के बाद आग लग गई थी। बचाव टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 274 मीटर लंबे इस जहाज से 25 क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया।

क्या कहा तुर्किए ने?

शुक्रवार को तुर्किए ने बताया था कि कैरोस रूस के नोवोरोस्सिय्स्क पोर्ट जा रहा था, जब तुर्की के तट से लगभग 28 नॉटिकल मील दूर उसे “बाहरी टक्कर” का सामना करना पड़ा। इसी वजह से जहाज में आग लग गई।

LSEG डेटा के अनुसार, विराट और कैरोस दोनों ही जहाज उन टैंकरों की सूची में शामिल हैं, जिन पर 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध बढ़ने के बाद प्रतिबंध लगाए गए थे।

ब्लैक सी में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर रही हैं।