यूपी पुलिस को 4 साल बाद मिला स्थायी मुखिया, डीजीपी राजीव कृष्ण ने साइबर सुरक्षा
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के इतिहास में सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। राज्य को पूरे चार साल के लंबे इंतजार के बाद अपना पूर्णकालिक और स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल गया है। कार्यवाहक डीजीपी के रूप में शानदार सेवाएं दे रहे 1991 बैच के सीनियर आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण (IPS Rajeev Krishna) के नाम पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थायी डीजीपी के रूप में मुहर लगा दी है।
स्थायी मुखिया के तौर पर कमान संभालते ही डीजीपी राजीव कृष्ण ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने पिछले एक साल की उपलब्धियां गिनाने के साथ-साथ यूपी की कानून-व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर हाईटेक बनाने के लिए अपनी 10 सूत्रीय प्राथमिकताओं (10 Priorities) का खाका देश के सामने रखा।
1. साइबर सुरक्षा के लिए बनेगा केंद्रीय एडवांस सेंटर
डीजीपी ने बताया कि आज के डिजिटल युग में बढ़ता साइबर क्राइम सबसे बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए यूपी पुलिस ने देश में सबसे बड़ा कदम उठाते हुए रिकॉर्ड 62 हजार पुलिसकर्मियों को साइबर ट्रेनिंग दी है। अब इन जवानों को एडवांस ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही, पुलिस मुख्यालय (सिग्नेचर बिल्डिंग, लखनऊ) में जल्द ही एक केंद्रीय स्तर का अत्याधुनिक 'एडवांस साइबर सुरक्षा सेंटर' स्थापित किया जाएगा।
2. अपराधियों के खिलाफ एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल
यूपी पुलिस अब शातिर अपराधियों और साइबर ठगों की कमर तोड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेगी। एआई टूल्स के जरिए डेटा एनालिसिस, प्रेडिक्टिव पुलिसिंग (अपराध होने से पहले भांपना) और फेशियल रिकग्निशन जैसी तकनीकों को और अधिक अपग्रेड किया जाएगा।
3. अपराधियों पर 'जीरो टॉलरेंस' और सख्त एक्शन
डीजीपी राजीव कृष्ण ने साफ शब्दों में संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों, माफियाओं और दंगाइयों के विरुद्ध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति और ज्यादा कड़ाई से जारी रहेगी। हाल ही में गाजीपुर में हुई होटल कारोबारी के बेटे की हत्या जैसी गंभीर घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ ऐसी दंडात्मक कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी।
4. लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गिरेगी गाज
कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीजीपी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी आपराधिक घटना में स्थानीय पुलिसकर्मियों या अधिकारियों की लापरवाही (Negligence) सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी उतनी ही कठोर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जितनी अपराधियों के खिलाफ होती है।
5. महिला अपराधों में आई 33% की भारी कमी
महिला सुरक्षा को लेकर यूपी पुलिस के अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। डीजीपी ने बताया कि सभी थानों में 'महिला शक्ति केंद्र' स्थापित करके पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसी का नतीजा है कि राज्य में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों में 33 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई है।
6. क्रैश कंट्रोल टीमों का विस्तार: सड़क हादसों में आएगी कमी
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अकाल मौतों को रोकने के लिए यूपी पुलिस का विशेष अभियान रंग ला रहा है।
मौतों में 11.5% की कमी: प्रदेश में गठित की गई 573 क्रैश कंट्रोल टीमों की कड़ी मेहनत की बदौलत चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्रों) पर हादसों में 7.5% और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की दर में 11.5% की बड़ी कमी आई है।
नया प्लान: इस सफलता को देखते हुए डीजीपी ने घोषणा की है कि बहुत जल्द उत्तर प्रदेश के सभी थानों में 'क्रैश कंट्रोल टीमें' गठित की जाएंगी।
चार साल बाद कैसे मिला यूपी पुलिस को स्थायी कप्तान?
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में पिछले चार वर्षों से कोई भी स्थायी डीजीपी नियुक्त नहीं हो सका था और कार्यवाहक कप्तानों के भरोसे ही व्यवस्था चल रही थी। हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने दिल्ली में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में वरिष्ठता और ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर तीन आईपीएस अधिकारियों के नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा था:
रेणुका मिश्रा (1990 बैच - वरिष्ठता में सबसे आगे)
पीयूष आनंद (1991 बैच)
राजीव कृष्ण (1991 बैच)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था पर पकड़ और कार्यवाहक डीजीपी के रूप में उनके बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए राजीव कृष्ण के नाम पर अंतिम मुहर लगाई। इसके बाद अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने उन्हें यूपी पुलिस का आधिकारिक विभागाध्यक्ष नियुक्त करने का शासनादेश जारी कर दिया। राजीव कृष्ण इससे पहले भी लखनऊ के एसएसपी (SSP) समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।