Devastation in Afghanistan : 6.0 तीव्रता का भूकंप, 1100 से अधिक लोगों की मौत
India News Live,Digital Desk : अफ़ग़ानिस्तान के कुनार और नांगरहार प्रांतों में 1 सितंबर 2025 की रात 6.0 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। इस हादसे में अब तक लगभग 1,100 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,500 से ज़्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, मरने वालों की संख्या 800 से अधिक है। हजारों घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं और कई गांवों का अस्तित्व मिट गया है।
भूकंप के झटके इतने तेज़ थे कि पहाड़ों से बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो गईं और मिट्टी-पत्थरों से बने घर ताश के पत्तों की तरह गिर पड़े। कुनार के कई गांवों में एक हजार से ज्यादा घरों का नामोनिशान मिट गया। पहाड़ी और गरीब इलाका होने की वजह से यहां तक राहत पहुंचाना बेहद मुश्किल हो गया है।
यह इलाका पहले से ही बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। कच्ची सड़कें, तालिबान शासन और आर्थिक संकट ने मदद पहुंचाना और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है। बिजली बंद है, बाजार सूने हैं, और हजारों लोग खुले आसमान के नीचे हैं। तंबुओं की सख्त जरूरत है। महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, वहीं घायल लोगों का इलाज सड़क किनारे किया जा रहा है। इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी का कहना है कि यह आपदा 2023 के भूकंप से भी ज्यादा गंभीर हो सकती है।
तालिबान प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। हेलीकॉप्टरों की मदद से 420 घायलों को जलालाबाद और असदाबाद के अस्पतालों में पहुंचाया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 30 डॉक्टरों और 800 किलो दवाओं को प्रभावित इलाकों में भेजा है। रेड क्रॉस और संयुक्त राष्ट्र की टीमें भी राहत कार्य में जुटी हैं। भारत ने 1,000 टेंट और 15 टन खाद्य सामग्री भेजी है, जबकि चीन, ईरान, यूरोपीय संघ और जापान ने भी मदद का वादा किया है। हालांकि खराब बुनियादी ढांचा और पहाड़ी रास्ते राहत कार्य को धीमा कर रहे हैं।
भूकंप का केंद्र जलालाबाद से करीब 27 किलोमीटर दूर नांगरहार प्रांत के कुज़ कुनार ज़िले में था। यह इलाका हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला में आता है, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की टकराहट के कारण भूकंप अक्सर आते रहते हैं। इस बार भूकंप की गहराई सिर्फ 8 किलोमीटर थी, जिससे इसका असर ज्यादा विनाशकारी हुआ। रात के समय आए इस भूकंप ने तबाही को और बढ़ा दिया। इसके बाद 4.5 और 5.2 तीव्रता के 17 से ज्यादा झटके महसूस किए गए।