Countdown to the 'power transfer' in Bihar: नीतीश कुमार जाएंगे दिल्ली, पटना में कौन बनेगा नया 'सुल्तान'? इन 3 दिग्गजों के नाम सबसे आगे

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India News Live,Digital Desk : बिहार की राजनीति में आज एक युग का अंत और एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब दिल्ली की राह पकड़ रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के बाद अब बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी के गलियारों से खबर आ रही है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसमें नीतीश कुमार की पसंद और मार्गदर्शन की बड़ी भूमिका होगी।

नीतीश का 'दिल्ली' प्लान: क्या वाकई यह उनकी अपनी इच्छा है?

नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अपनी दिल की बात साझा करते हुए लिखा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा थी कि वे देश के चारों सदनों (विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्य बनें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई बनने वाली सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद बीजेपी अब बिहार में अपना पहला मुख्यमंत्री देखना चाहती है।

गिरिराज सिंह का बड़ा दावा: 'नीतीश की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलेगा'

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता गिरिराज सिंह ने इन चर्चाओं के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में जो भी नई सरकार बनेगी, वह नीतीश कुमार के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ही काम करेगी। गिरिराज सिंह ने यह भी साफ किया कि मुख्यमंत्री पद के लिए जो भी नाम फाइनल होगा, उसमें नीतीश कुमार की रजामंदी सबसे अहम होगी। उन्होंने मजाकिया लहजे में उन अटकलों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि नीतीश कुमार को जबरन दिल्ली भेजा जा रहा है।

सीएम की रेस में कौन है सबसे आगे? ये 3 नाम चर्चा में

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार की कमान किसके हाथ में होगी? बीजेपी के खेमे से तीन नाम सबसे मजबूती से उभरकर सामने आ रहे हैं:

1. सम्राट चौधरी: वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। कोइरी/कुशवाहा समाज से आने वाले सम्राट चौधरी ने पिछले कुछ सालों में बिहार बीजेपी को आक्रामक तेवर दिए हैं। नीतीश कुमार के साथ काम करने का उनका अनुभव उनके पक्ष में जा सकता है।

2. नित्यानंद राय: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी चर्चा में है। बिहार बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और यादव समुदाय के बड़े चेहरे के रूप में वे आरजेडी के वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए बीजेपी का 'मास्टरस्ट्रोक' साबित हो सकते हैं।

3. दिलीप जायसवाल: बिहार सरकार में मंत्री और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले दिलीप जायसवाल का नाम भी रेस में बना हुआ है। वे केंद्रीय नेतृत्व, खासकर अमित शाह के भरोसेमंद माने जाते हैं।

शनिवार तक थम सकती है हलचल?

सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव होने तक या उसके परिणाम आने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं। इस बीच, एनडीए के घटक दलों के साथ बैठकों का दौर जारी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि होली के बाद बिहार को अपना नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा। नीतीश कुमार ने जाते-जाते यह भी संकेत दिए हैं कि वे बिहार के विकास के संकल्प से पीछे नहीं हटेंगे और दिल्ली में रहकर भी बिहार की कमान एक 'गार्जियन' की तरह संभालते रहेंगे।