कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट बैन होने पर कांग्रेस का भाजपा पर करारा हमला
India News Live,Digital Desk : 'कॉकरोच जनता पार्टी' के 'एक्स' (X) अकाउंट को प्रतिबंधित किए जाने पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता दीपेंदर सिंह हुड्डा ने इस कार्रवाई की तीखी आलोचना करते हुए इसे भाजपा की 'असहिष्णु राजनीति' का प्रमाण बताया है।
दीपेंदर हुड्डा का तंज: 'लोकतंत्र में यह गलत'
कांग्रेस नेता दीपेंदर सिंह हुड्डा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "मैंने सुना कि उनका अकाउंट प्रतिबंधित कर दिया गया है। नोटबंदी और वोटबंदी के बाद, भाजपा अब 'कॉकरोच बंदी' करने में जुट गई है।" हुड्डा ने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर आलोचना करने वालों के अकाउंट बंद कर देना लोकतंत्र के लिए स्वस्थ संकेत नहीं है। उनके अनुसार, यह आंदोलन युवाओं के भीतर बढ़ रहे उस गुस्से और हताशा का प्रतिबिंब (reflection) है, जो भाजपा सरकार की मौजूदा व्यवस्था से उपजा है।
क्या आंदोलन का होगा राजनीतिकरण?
हुड्डा ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि अगर 'कॉकरोच जनता पार्टी' जैसा कोई युवा आंदोलन किसी स्थापित राजनीतिक दल (जैसे आम आदमी पार्टी या अन्य) के चंगुल में फंसता है या कोई राजनीतिक संस्था इसे हथियाने की कोशिश करती है, तो यह आंदोलन अपनी मौलिकता खो देगा और खत्म हो जाएगा।
'कॉकरोच जनता पार्टी' क्या चाहती है?
पुणे के अभिजीत दिपके द्वारा शुरू की गई यह 'डिजिटल पार्टी' युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इसकी मुख्य मांगें और एजेंडा इस प्रकार हैं:
घोषणापत्र के प्रमुख बिंदु: मुख्य न्यायाधीशों के सेवानिवृत्ति के बाद राजनीतिक पदों पर प्रतिबंध, महिलाओं के लिए 50% आरक्षण, मीडिया की पूर्ण स्वतंत्रता और दलबदलू राजनेताओं पर 20 साल का बैन।
युवा एजेंडा: बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक, प्रशासनिक पारदर्शिता और युवाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व।
अनोखी सदस्यता: पार्टी ने मजाक के लहजे में कहा है कि सदस्य बनने के लिए 'बेरोजगार, ऑनलाइन रहने वाला और पेशेवर भड़ास निकालने वाला' होना काफी है।
क्या यह केवल 'मीम पॉलिटिक्स' है?
सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ी हुई है। जहां एक वर्ग इसे केवल 'मीम पॉलिटिक्स' करार दे रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे युवाओं की आवाज बनने का एक नया और प्रभावी जरिया मान रहा है। अब सवाल यह है कि क्या यह केवल इंटरनेट तक सीमित एक ऑनलाइन आंदोलन बनकर रह जाएगा, या यह भविष्य में एक वास्तविक राजनीतिक शक्ति के रूप में संगठित होगा?
एक बात तो तय है—'कॉकरोच जनता पार्टी' ने मुख्यधारा की राजनीति को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि युवाओं के मुद्दों को संबोधित करने का अंदाज अब बदलने वाला है।