'2017 से पहले गुंडों का बोलबाला था, देख सपाई-बिटिया घबराई': गोरखपुर में सपा पर गरजे सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गृह जनपद गोरखपुर में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। गोरखपुर प्रवास के दौरान विभिन्न विकास परियोजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2017 से पहले पूरे उत्तर प्रदेश में गुंडों, माफिया और अराजक तत्वों का एकछत्र बोलबाला था। उस दौर में बेटियां घरों से बाहर निकलने में खौफ खाती थीं और अभिभावक उनकी सुरक्षा व पढ़ाई को लेकर दिन-रात चिंता में डूबे रहते थे।
सीएम योगी ने सपा पर सीधा कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछली सरकार के समय आम जनता के बीच एक कहावत आम हो गई थी— 'देख सपाई, बिटिया घबराई'। तत्कालीन सरकार में बैठे गुंडों और शोहदों को सत्ता का खुला संरक्षण हासिल था, जिसके कारण कई जनपदों में बेटियों की स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई तक छूटने के कगार पर पहुंच गई थी। सीएम ने स्पष्ट किया कि 2017 के बाद भाजपा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति ने प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है और आज उत्तर प्रदेश दंगा, कर्फ्यू, रंगदारी और अवैध कब्जों से पूरी तरह मुक्त हो चुका है।
2017 से पहले बेटियां असुरक्षित थीं, सपा के शोहदों को था सरकारी संरक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पिछली सरकार के कार्यकाल का काला अध्याय याद दिलाते हुए कहा कि उस समय प्रदेश की बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। शिक्षण संस्थानों के बाहर सपा समर्थित गुंडे और शोहदे खुलेआम आतंक मचाते थे और बेटियों को जबरन उठाने जैसी दुस्साहसिक घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस प्रशासन लाचार बना रहता था क्योंकि अपराधियों को सीधे तौर पर राजनीतिक आकाओं का वरदहस्त प्राप्त था।
सीएम योगी ने कहा कि उस दौर में कानून का डर पूरी तरह समाप्त हो चुका था और गरीब, वंचित तथा व्यापारी वर्ग हमेशा अपनी जान-माल की रक्षा के लिए भयभीत रहता था। उन्होंने कहा कि 2017 में जब जनता ने भाजपा को जिम्मेदारी सौंपी, तो सरकार और समाज ने मिलकर कानून का इकबाल कायम करने की दिशा में ठोस काम किया। आज प्रदेश में मिशन शक्ति, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और महिला थानों की स्थापना के जरिए ऐसा सुरक्षित वातावरण बना है कि आधी आबादी बिना किसी डर के रात में भी बेखौफ होकर अपनी राह तय कर रही है।
गरीबों का राशन और जमीनों पर कब्जा करने वालों का दौर खत्म
समाजवादी पार्टी की नीतियों पर वार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले जनकल्याणकारी योजनाओं का पैसा और गरीबों का राशन बिचौलियों व दबंगों की जेब में चला जाता था। प्रदेश भर में जमीनों पर अवैध कब्जे करना तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी से जुड़े लोगों का पेशा बन चुका था। किसान, गरीब और बेसहारा लोग अपनी ही जमीनों से बेदखल कर दिए जाते थे और उनकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं था।
सीएम ने कहा कि मौजूदा सरकार ने एंटी-भूमाफिया टास्क फोर्स बनाकर हजारों हेक्टेयर सरकारी और निजी जमीनों को माफिया के चंगुल से मुक्त कराया है। अब न केवल गरीबों को उनका कानूनी हक बिना किसी दलाली के मिल रहा है, बल्कि 80 करोड़ से ज्यादा देशवासियों के साथ यूपी के सभी पात्र परिवारों को पारदर्शी तरीके से मुफ्त राशन की सुविधा उनके दरवाजे तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि आज किसी बाहुबली या अपराधी की इतनी हिम्मत नहीं है कि वह किसी गरीब की एक इंच जमीन पर भी नजर गड़ा सके, क्योंकि ऐसा करने वालों की संपत्तियों पर कानून का बुलडोजर चलने में देर नहीं लगती।
इंसेफेलाइटिस की मौतों का आंकड़ा शून्य, गोरखपुर से पूर्वांचल तक बदला माहौल
पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के ऐतिहासिक कायाकल्प का जिक्र करते हुए सीएम योगी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले गोरखपुर और आसपास के जिलों में इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) मासूम बच्चों को लील जाता था। अकेले बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में हर साल करीब 500 से अधिक नौनिहालों की असमय और दर्दनाक मौत हो जाती थी। पिछली सरकारों ने दशकों तक इस महामारी को अनदेखा किया और जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मजबूत इच्छाशक्ति, स्वच्छता अभियान, शुद्ध पेयजल और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के प्रयासों से इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों का आंकड़ा घटकर शून्य पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पूर्वांचल से माफिया और गुंडाराज का खात्मा हुआ, उसी तरह घातक बीमारियों का भी पूरी तरह उन्मूलन कर दिया गया है। आज गोरखपुर में एम्स, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और हर जिले में मेडिकल कॉलेजों का जाल बिछ चुका है, जिससे आम जनता को इलाज के लिए लखनऊ या दिल्ली नहीं भागना पड़ता।
विकास, रोजगार और बेहतर कनेक्टिविटी से बनी नई पहचान
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हुए आधारभूत ढांचे के विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे और वर्ल्ड-क्लास हाईवे का प्रदेश बन चुका है। गोरखपुर से वाराणसी की दूरी अब बेहतर फोरलेन कनेक्टिविटी के चलते महज ढाई घंटे में पूरी हो रही है। हवाई, रेल और सड़क संपर्क ने गोरखपुर को एक बड़े व्यापारिक और पर्यटन केंद्र में बदल दिया है।
रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि मिशन रोजगार के तहत अब तक साढ़े नौ लाख से ज्यादा नौजवानों को पूरी पारदर्शिता के साथ बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई (MSME) इकाइयां संचालित हैं, जिनके जरिए तीन करोड़ से ज्यादा लोगों को आजीविका मिली है और इनमें बहुत बड़ी हिस्सेदारी महिलाओं की है। 24 हजार से अधिक स्टार्टअप्स के साथ यूपी का युवा अब केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बन चुका है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और विकास की यह अनवरत यात्रा किसी भी कीमत पर रुकने वाली नहीं है।