मुर्शिदाबाद में ध्रुवीकरण की कोशिश पर भड़के सीएम शुभेंदु अधिकारी, हुमायूं कबीर को दी जेल भेजने की चेतावनी
पश्चिम बंगाल विधानसभा में सोमवार को उस समय भारी राजनीतिक गरमागरमी देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक और नौदा से विधायक हुमायूं कबीर पर तीखा और सीधा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कबीर पर रेजीनगर सीट पर होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर मतदाताओं को धर्म और जाति के आधार पर बांटने (ध्रुवीकरण) के लिए बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषण देने का गंभीर आरोप लगाया।
कानून का राज स्थापित करेंगे, अराजकता नहीं चलेगी: सीएम
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में व्यवस्था के प्रश्न (Point of Order) के दौरान मुर्शिदाबाद जिले में हाल ही में हुई दो जनसभाओं का हवाला दिया, जहां हुमायूं कबीर ने कथित तौर पर सरकार और प्रशासनिक तंत्र को खुली चुनौती दी थी। कबीर को कड़ी चेतावनी देते हुए सीएम अधिकारी ने सदन में हुंकार भरी:
"मैं आपको (हुमायूं कबीर) दोबारा कभी भी ऐसे गैर-जिम्मेदाराना, आपत्तिजनक और बेलगाम सार्वजनिक बयान नहीं देने दूंगा। मैं न सिर्फ उनका यह बयान वापस करवाऊंगा, बल्कि यह भी पक्का करूंगा कि भविष्य में ऐसी बातें कहने से पहले वह कई बार सोचें। मैं इस गरिमामयी सदन को पूरी तरह भरोसा दिलाता हूं कि यह आखिरी बार है जब वह सार्वजनिक मंच से ऐसी नफरती टिप्पणी कर पाए हैं। हम राज्य में हर हाल में कानून का राज स्थापित करेंगे और किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
मुर्शिदाबाद में दो एफआईआर दर्ज, गिरफ्तारी की अटकलें तेज
मुख्यमंत्री ने सदन को सूचित किया कि हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद जिले के शक्तिपुर में 8 जून और रेजीनगर में 26 जून को दिए गए बयानों को पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है। कबीर के खिलाफ शक्तिपुर और रेजीनगर पुलिस थानों में दो अलग-अलग आपराधिक मामले (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है, जिसके बाद से विधायक की संभावित गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं।
विपक्ष और जनता की शंकाओं को दूर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "जिन लोगों को भी यह चिंता है कि पुलिस इन दर्ज मामलों पर आगे सख्त कार्रवाई करेगी या नहीं, उन्हें मैं आश्वस्त करता हूं कि कानून अपना काम मुस्तैदी से करेगा। हमारी जांच टीमें सबसे पहले उन आयोजकों को पकड़ेंगी जिन्होंने कबीर को उन भड़काऊ बैठकों में आमंत्रित किया था, और उसके बाद सीधे कबीर पर शिकंजा कसा जाएगा।"
उपचुनाव के लिए मतदाताओं के ध्रुवीकरण का आरोप
राजनीतिक समीकरणों को समझाते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हुमायूं कबीर ने साल 2026 के हालिया विधानसभा चुनाव में मुर्शिदाबाद जिले की दो सीटों— नौदा और रेजीनगर, दोनों से जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने नौदा सीट से विधायक पद की शपथ ली, जिसके कारण रेजीनगर सीट खाली हो गई और वहां उपचुनाव की स्थिति बनी।
माना जा रहा है कि रेजीनगर सीट से कबीर अपने बेटे को चुनाव लड़ाने की तैयारी में हैं। सीएम ने आरोप लगाया कि इसी चुनावी लाभ के लिए कबीर सोची-समझी रणनीति के तहत भड़काऊ बयानबाजी कर मतदाताओं को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी ने दोटूक कहा, "मैं एक हफ्ते के भीतर खुद मुर्शिदाबाद का दौरा करूंगा और यह साबित करके दिखाऊंगा कि इस देश में कोई भी व्यक्ति संविधान और स्थापित कानूनों से ऊपर नहीं हो सकता।"
"पत्थर फेंकने वालों को रसगुल्ला नहीं परोसा जाएगा": कबीर का पलटवार
मुख्यमंत्री के तीखे भाषण के दौरान हुमायूं कबीर सदन से बाहर चले गए थे, लेकिन बाद में उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री के आरोपों पर अपनी सफाई पेश की। कबीर ने दावा किया कि उनकी टिप्पणियां सरकार या प्रशासन के खिलाफ बिल्कुल नहीं थीं। उन्होंने कहा:
"विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मुर्शिदाबाद में जो लोग रातों-रात नए भाजपा नेता बने हैं, वे मेरे और मेरी पार्टी के समर्थकों को लगातार डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। मुझ पर और मेरे लोगों पर हमला करने वालों को मैंने केवल राजनीतिक रूप से करारा जवाब दिया है। अगर कोई मुझ पर पत्थर फेंकता है, तो वह मुझसे यह उम्मीद नहीं कर सकता कि मैं उसे थाली में रखकर रसगुल्ला परोसूंगा।"
कबीर ने आगे कहा कि वे भी बंगाल में सुशासन लाने के लिए सत्ता परिवर्तन के पक्षधर थे, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता बदलने के बाद से उनके इलाके में एक विशेष अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ जानबूझकर गलत व्यवहार किया जा रहा है, जिसके खिलाफ वे आवाज उठाते रहेंगे।