चीन में नई महामारी का कोहराम: अफ्रीका से आए 'SAT-1' वायरस ने मवेशियों पर किया हमला, हजारों जानवर मारे गए

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India News Live,Digital Desk : दुनिया अभी एक महामारी के झटके से पूरी तरह उबरी भी नहीं थी कि चीन के उत्तर-पश्चिमी हिस्से से एक और नई बीमारी की खौफनाक खबर सामने आ रही है। चीन के गांसु (Gansu) प्रांत और शिनजियांग उइघुर (Xinjiang) स्वायत्त क्षेत्र में 'खुरपका-मुंहपका' (Foot-and-Mouth Disease - FMD) के एक बेहद दुर्लभ और घातक स्ट्रेन ने दस्तक दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चीन सरकार ने हजारों मवेशियों को मारना शुरू कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर पहरा कड़ा कर दिया है।

अफ्रीका से पहुंचा घातक 'SAT-1' वेरिएंट

विशेषज्ञों के अनुसार, चीन में पहली बार SAT-1 सेरोटाइप का पता चला है। यह वायरस का वह प्रकार है जो आमतौर पर अफ्रीकी देशों में पाया जाता है।

टीकों की विफलता: सबसे चिंताजनक बात यह है कि चीन में वर्तमान में उपलब्ध 'O' और 'A' सेरोटाइप वाले टीके इस नए अफ्रीकी वेरिएंट (SAT-1) पर बेअसर साबित हो रहे हैं।

फैलने का मार्ग: यह वायरस 2025 से अफ्रीका से निकलकर मध्य-पूर्व और दक्षिण एशिया होते हुए अब चीन की सीमा में प्रवेश कर गया है।

हजारों मवेशी चपेट में, चीन ने कड़ा किया पहरा

चीनी कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 6,229 मवेशियों के झुंड इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।

सीमा पर नियंत्रण: शिनजियांग और गांसु प्रांतों की सीमाएं कजाकिस्तान, मंगोलिया और रूस से लगती हैं। अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है ताकि तस्करी या अवैध परिवहन के जरिए संक्रमित जानवर देश में न आ सकें।

बॉर्डर पर तनाव: यह प्रकोप ऐसे समय में आया है जब रूस के साइबेरियाई क्षेत्र में भी मवेशियों की बीमारी फैल रही है। हालांकि रूस ने किसी भी बड़े प्रकोप से इनकार किया है, लेकिन चीन इसे 'विदेशी आक्रमण' मानकर हाई अलर्ट पर है।

उद्योग जगत में 'महामारी' का डर

शंघाई जेसी इंटेलिजेंस की विश्लेषक रोजा वांग का कहना है कि यह प्रकोप एक बड़े क्षेत्र के लिए खतरा बन गया है और इसे रोकने के लिए प्रशासन पर भारी दबाव है। वहीं, अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की एक रिपोर्ट संकेत देती है कि चीन जिस बड़े पैमाने पर प्रतिक्रिया दे रहा है (जानवरों को मारना और सैनिटाइजेशन), वह इस बात का सबूत है कि स्थिति कागजों पर बताई गई जानकारी से कहीं अधिक गंभीर हो सकती है।

क्या है फुट-एंड-माउथ (FMD) बीमारी?

यह मवेशियों, सूअरों, भेड़ों और बकरियों में फैलने वाला एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है। इसमें जानवरों के मुंह और पैरों में छाले पड़ जाते हैं, जिससे वे खाना-पीना छोड़ देते हैं और कमजोर होकर मर जाते हैं। हालांकि यह आमतौर पर इंसानों को संक्रमित नहीं करता, लेकिन पशुपालन उद्योग और अर्थव्यवस्था के लिए यह किसी तबाही से कम नहीं है।