फोन हैकिंग का खतरा बढ़ा, CERT-In ने यूजर्स को दी चेतावनी

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India News Live,Digital Desk : भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने एंड्रॉइड यूजर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने कहा है कि एंड्रॉइड के लेटेस्ट वर्जन पर चलने वाले स्मार्टफोन्स में कई खतरनाक खामियां पाई गई हैं।

इन खामियों को उच्च सुरक्षा जोखिम श्रेणी में रखा गया है, यानी अगर इन्हें समय रहते ठीक नहीं किया गया तो हैकर्स आसानी से स्मार्टफोन का दुरुपयोग कर सकते हैं और यूजर्स के डेटा को खतरे में डाल सकते हैं।

इन खामियों को उच्च सुरक्षा जोखिम श्रेणी में रखा गया है, यानी अगर इन्हें समय रहते ठीक नहीं किया गया तो हैकर्स आसानी से स्मार्टफोन का दुरुपयोग कर सकते हैं और यूजर्स के डेटा को खतरे में डाल सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये समस्याएँ एंड्रॉइड 13, एंड्रॉइड 14, एंड्रॉइड 15 और एंड्रॉइड 16 वर्जन को प्रभावित कर रही हैं। खामियाँ सिर्फ़ एक हिस्से में नहीं, बल्कि ऑपरेटिंग सिस्टम की कई परतों में मौजूद हैं। इसमें फ्रेमवर्क, रनटाइम, सिस्टम, वाइडवाइन DRM, प्रोजेक्ट मेनलाइन, कर्नेल, क्वालकॉम, मीडियाटेक समेत कई घटक शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में कमज़ोरियों का मिलना इस बात का संकेत है कि ख़तरा पहले से कहीं ज़्यादा गंभीर हो गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये समस्याएँ एंड्रॉइड 13, एंड्रॉइड 14, एंड्रॉइड 15 और एंड्रॉइड 16 वर्जन को प्रभावित कर रही हैं। खामियाँ सिर्फ़ एक हिस्से में नहीं, बल्कि ऑपरेटिंग सिस्टम की कई परतों में मौजूद हैं। इसमें फ्रेमवर्क, रनटाइम, सिस्टम, वाइडवाइन DRM, प्रोजेक्ट मेनलाइन, कर्नेल, क्वालकॉम, मीडियाटेक समेत कई घटक शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में कमज़ोरियों का मिलना इस बात का संकेत है कि ख़तरा पहले से कहीं ज़्यादा गंभीर हो गया है।

CERT-In का कहना है कि अगर हैकर्स इन कमज़ोरियों का फ़ायदा उठाने में कामयाब हो जाते हैं, तो वे डिवाइस को क्रैश कर सकते हैं, निजी डेटा चुरा सकते हैं, किसी भी तरह का कोड चला सकते हैं या पूरे सिस्टम पर कब्ज़ा कर सकते हैं। आसान शब्दों में कहें तो आपका फ़ोन पूरी तरह से असुरक्षित हो सकता है।

CERT-In का कहना है कि अगर हैकर्स इन कमज़ोरियों का फ़ायदा उठाने में कामयाब हो जाते हैं, तो वे डिवाइस को क्रैश कर सकते हैं, निजी डेटा चुरा सकते हैं, किसी भी तरह का कोड चला सकते हैं या पूरे सिस्टम पर कब्ज़ा कर सकते हैं। आसान शब्दों में कहें तो आपका फ़ोन पूरी तरह से असुरक्षित हो सकता है।

गूगल ने इन समस्याओं को ठीक करने के लिए तत्काल सुरक्षा पैच जारी किया है, लेकिन हर स्मार्टफोन कंपनी को ये अपडेट अपने सॉफ्टवेयर स्किन जैसे सैमसंग के वन यूआई, श्याओमी के हाइपरओएस और वनप्लस के ऑक्सीजनओएस के ज़रिए रोल आउट करना होगा। ऐसे में, ब्रांड्स की ज़िम्मेदारी है कि वे समय पर यूज़र्स तक अपडेट पहुँचाएँ।

गूगल ने इन समस्याओं को ठीक करने के लिए तत्काल सुरक्षा पैच जारी किया है, लेकिन हर स्मार्टफोन कंपनी को ये अपडेट अपने सॉफ्टवेयर स्किन जैसे सैमसंग के वन यूआई, श्याओमी के हाइपरओएस और वनप्लस के ऑक्सीजनओएस के ज़रिए रोल आउट करना होगा। ऐसे में, ब्रांड्स की ज़िम्मेदारी है कि वे समय पर यूज़र्स तक अपडेट पहुँचाएँ।

उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे ज़रूरी कदम यह है कि जैसे ही नया सुरक्षा अपडेट उपलब्ध हो, उसे अपने फ़ोन में इंस्टॉल कर लें। इससे आपका डिवाइस सुरक्षित रहेगा और साइबर अपराधियों के हमलों से सुरक्षित रहेगा।

उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे ज़रूरी कदम यह है कि जैसे ही नया सुरक्षा अपडेट उपलब्ध हो, उसे अपने फ़ोन में इंस्टॉल कर लें। इससे आपका डिवाइस सुरक्षित रहेगा और साइबर अपराधियों के हमलों से सुरक्षित रहेगा।

इस सरकारी चेतावनी का सीधा सा मतलब यह है कि अगर अपडेट को नजरअंदाज किया गया तो आपका स्मार्टफोन और उसमें मौजूद निजी डेटा हैकर्स के निशाने पर आ सकता है।

इस सरकारी चेतावनी का सीधा सा मतलब यह है कि अगर अपडेट को नजरअंदाज किया गया तो आपका स्मार्टफोन और उसमें मौजूद निजी डेटा हैकर्स के निशाने पर आ सकता है।