Captain Virdi murder case : भगोड़ा हुसैन मोहम्मद शत्ताफ भारत लाने की प्रक्रिया शुरू
India News Live,Digital Desk : महाराष्ट्र के लोनावला में 2006 में हुई सेवानिवृत्त मर्चेंट नेवी कैप्टन मनमोहन सिंह विर्दी की हत्या के मुख्य आरोपी हुसैन मोहम्मद शत्ताफ को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भगोड़े शत्ताफ की पृष्ठभूमि
शत्ताफ, जिसे हुसैन महबूब खोखावाला के नाम से भी जाना जाता है, पर हत्या, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट प्राप्त करने के मामले दर्ज हैं। माना जाता है कि हत्या के बाद वह भारत छोड़कर यूएई भाग गया था और वहां जाली दस्तावेजों और विवाह प्रमाण पत्र के जरिए अवैध रूप से रह रहा था। उसका भारतीय पासपोर्ट, जो 2019 में जारी हुआ था, 2021 में समाप्त हो गया था।
विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि भारत वांछित अपराधियों को प्रत्यर्पित कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शत्ताफ को जल्द ही भारत लाने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
कैप्टन विर्दी हत्याकांड की झलक
14 मई 2006 को लोनावला स्थित कैप्टन विर्दी के बंगले पर उनकी खून से सनी लाश मिली थी। हत्या इतनी शातिराना ढंग से की गई थी कि शुरुआती जांच में इसे लूटपाट के दौरान हुई हत्या माना गया।
जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि हुसैन मोहम्मद शत्ताफ, उसकी पत्नी वाहीदा हुसैन शत्ताफ और उनके सहयोगी जानिश खान इस मामले में शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया, लेकिन हुसैन और उसकी पत्नी को बॉम्बे हाई कोर्ट ने कुछ कानूनी पेचीदगियों के कारण बरी कर दिया। इसके बाद शत्ताफ भारत छोड़कर यूएई भाग गया।
अब मुख्य आरोपी हुसैन मोहम्मद शत्ताफ को भारत लाकर कानून के कटघरे में लाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।