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October 16 2026 02:18 am

समुद्र के नीचे 'बिछेगा' मौत का जाल! ईरान की अमेरिका को दोटूक चेतावनी- हमला हुआ तो बंद कर देंगे फारस की खाड़ी

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां से वैश्विक अर्थव्यवस्था की कमर टूट सकती है। ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसके तटीय क्षेत्रों या द्वीपों पर कोई भी सैन्य कार्रवाई की गई, तो वह पूरी फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में 'नौसैनिक बारूदी सुरंगें' (Naval Mines) बिछाकर समुद्री रास्तों को पूरी तरह ठप कर देगा। ईरान की इस धमकी ने दुनिया भर के ऊर्जा बाजार में हड़कंप मचा दिया है।

ईरान की रक्षा परिषद का कड़ा रुख: 'समन्वय के बिना एंट्री नहीं'

ईरान की रक्षा परिषद ने सोमवार को जारी एक बयान में बेहद सख्त लहजे का इस्तेमाल किया है। परिषद के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

होर्मुज पर नियंत्रण: गैर-युद्धरत देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का एकमात्र रास्ता अब ईरान के साथ समन्वय (Coordination) करना होगा।

कम्युनिकेशन लाइनों की घेराबंदी: यदि दुश्मन देश ने हमला किया, तो तटीय क्षेत्रों की सभी संचार लाइनों और समुद्री रास्तों को विभिन्न प्रकार की बारूदी सुरंगों से भर दिया जाएगा।

जिम्मेदारी की शर्त: ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि फारस की खाड़ी बंद होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी हमला करने वाले पक्ष (अमेरिका) की होगी।

ट्रंप की बिजली संयंत्रों पर हमले की धमकी

यह तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोटूक कहा कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों (Power Plants) और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। हालांकि, हालिया रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप ने बातचीत के लिए 5 दिनों का समय देते हुए इन हमलों को फिलहाल टाला है, लेकिन ईरान की ताजा चेतावनी दिखाती है कि जमीन पर हालात अब भी विस्फोटक हैं।

ब्रिटेन और अमेरिका के बीच रणनीतिक चर्चा

रविवार देर रात ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई।

वैश्विक ऊर्जा स्थिरता: दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों को स्थिर रखने के लिए होर्मुज को फिर से खोलना अनिवार्य है।

ब्रिटेन की भूमिका: ब्रिटेन उन 22 देशों में शामिल है जो इस जलमार्ग में 'सुरक्षित नौवहन' सुनिश्चित करने के लिए सैन्य योगदान देना चाहते हैं।

95% की गिरावट: 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से इस मार्ग से होने वाले व्यापारिक यातायात में 95 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आई है।

NATO की तैयारी: 'थोड़ा समय चाहिए'

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रूट ने भरोसा जताया है कि नाटो (NATO) इस जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में सक्षम है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन की प्रकृति बेहद संवेदनशील है, इसलिए सदस्य देशों को पूरी तैयारी के लिए थोड़ा समय चाहिए। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।