Bihar politics' 'airborne' suspense : एक ही फ्लाइट में अमित शाह और ललन सिंह दिल्ली रवाना, क्या आसमान में ही तय हो गया नए CM का नाम
India News Live,Digital Desk : बिहार की राजनीति में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब कयासों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जेडीयू के कद्दावर नेता व केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह एक ही फ्लाइट से पटना से दिल्ली के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के ठीक बाद, दो दिग्गज नेताओं की इस 'सीक्रेट' हवाई यात्रा ने बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को हवा दे दी है। गलियारों में सवाल तैर रहा है—क्या पटना से दिल्ली के बीच 1.5 घंटे के सफर में बिहार के अगले मुख्यमंत्री का नाम फाइनल हो गया है?
'मिशन बिहार' पर आसमान में मंथन?
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार एनडीए में नए शक्ति संतुलन (Power Equation) को लेकर माथापच्ची जारी है। सूत्रों की मानें तो अमित शाह और ललन सिंह की इस मुलाकात में नई सरकार के 'फॉर्मूले' पर विस्तार से चर्चा संभव है। इस चर्चा के केंद्र में तीन मुख्य बिंदु हो सकते हैं:
अगला मुख्यमंत्री कौन? क्या बीजेपी अपना पहला सीएम बनाएगी या जेडीयू का कोई चेहरा आगे होगा?
डिप्टी सीएम का गणित: क्या राज्य में दो से अधिक उपमुख्यमंत्री होंगे?
नीतीश की नई भूमिका: दिल्ली दरबार में नीतीश कुमार का कद और जिम्मेदारी क्या होगी?
सत्ता के नए समीकरण और नीतीश का 'त्याग'
गुरुवार सुबह नीतीश कुमार ने जब अमित शाह की मौजूदगी में अपना पर्चा भरा, तो वह बिहार के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। उनके समर्थकों का मानना है कि नीतीश का अनुभव अब राष्ट्रीय स्तर पर देश के काम आएगा। लेकिन उनके जाते ही बिहार में 'वैक्यूम' पैदा हो गया है, जिसे भरने के लिए बीजेपी और जेडीयू के बीच पर्दे के पीछे की बातचीत अब दिल्ली शिफ्ट हो गई है। अमित शाह और ललन सिंह का एक साथ दिल्ली जाना इस बात का पुख्ता संकेत है कि फैसला 'हाईकमान' के स्तर पर बहुत जल्द होने वाला है।
क्या होली से पहले मिलेगा नया चेहरा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एनडीए नेतृत्व नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को लंबा नहीं खींचना चाहता। अमित शाह की पटना यात्रा और फिर ललन सिंह के साथ उनकी दिल्ली रवानगी इशारा कर रही है कि बिहार में 'डबल इंजन' की सरकार को नई रफ्तार देने के लिए चेहरे बदल सकते हैं। बीजेपी खेमे में जहां सम्राट चौधरी और नित्यानंद राय के नाम चर्चा में हैं, वहीं जेडीयू के साथ समन्वय बिठाना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
दिल्ली में टिकीं बिहार की नजरें
फिलहाल, बिहार की पूरी सियासत दिल्ली के 'अकबर रोड' और 'चाणक्यपुरी' के चक्कर काट रही है। माना जा रहा है कि दिल्ली पहुंचते ही दोनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जेडीयू के अन्य शीर्ष नेताओं के साथ अंतिम दौर की बैठक करेंगे। अगले 48 घंटे बिहार की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।