शेयर बाजार में बड़ा उलटफेर: माइक्रोकैप इंडेक्स में दिखे 'बॉटम' के संकेत, क्या अब 'छोटू' शेयरों में लौटने वाली है तूफानी तेजी...
India News Live,Digital Desk : भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से जारी उठापटक के बीच निवेशकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण संकेत उभरकर सामने आ रहा है। बाजार के जानकारों और तकनीकी विश्लेषकों की मानें तो माइक्रोकैप इंडेक्स (Microcap Index) ने अब अपने निचले स्तर यानी 'बॉटम' को छू लिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले दिनों में छोटे और मझोले शेयरों में एक बार फिर से खरीदारी का दौर लौट सकता है। जो निवेशक पिछले कुछ हफ्तों से गिरावट के डर से सहमे हुए थे, उनके लिए अब रणनीति बदलने का समय आ गया है।
क्या 'छोटू' शेयरों में फिर मचेगी धूम?
शेयर बाजार में 'छोटू' शेयरों के नाम से मशहूर माइक्रोकैप स्टॉक्स अक्सर अपनी तेज चाल के लिए जाने जाते हैं। हालिया गिरावट के बाद इन शेयरों के वैल्युएशन अब काफी आकर्षक नजर आने लगे हैं। चार्ट्स पर बन रहे 'बॉटमिंग आउट' के संकेत इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि बिकवाली का दबाव अब खत्म होने की कगार पर है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि बाजार में स्थिरता बनी रहती है, तो माइक्रोकैप इंडेक्स में शामिल कई मल्टीबैगर शेयर आने वाले हफ्तों में निवेशकों की झोली भर सकते हैं। हालांकि, इस तेजी में शामिल होने से पहले फंडामेंटल्स की जांच करना अनिवार्य है।
निवेशकों के लिए क्या होनी चाहिए सही रणनीति
माइक्रोकैप सेगमेंट में निवेश करना जितना मुनाफे वाला हो सकता है, उतना ही जोखिम भरा भी। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को अब 'चेरी पिकिंग' यानी चुनिंदा बेहतरीन शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। उन कंपनियों को प्राथमिकता दें जिनका कर्ज कम हो और जिनके तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे हों। बाजार की इस संभावित रिकवरी का लाभ उठाने के लिए एकमुश्त निवेश के बजाय 'सिप' (SIP) मोड में खरीदारी करना अधिक समझदारी भरा कदम होगा। पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना इस उतार-चढ़ाव वाले बाजार में सुरक्षा कवच का काम करेगा।
सावधानी और समझदारी है जरूरी
भले ही माइक्रोकैप इंडेक्स में रिकवरी के संकेत मिल रहे हों, लेकिन निवेशकों को यह नहीं भूलना चाहिए कि छोटे शेयरों में लिक्विडिटी का संकट अक्सर बना रहता है। ऐसे में केवल वही पैसा लगाएं जिसे आप लंबी अवधि के लिए होल्ड कर सकें। वैश्विक अनिश्चितताओं और ब्याज दरों में बदलाव जैसे कारकों पर भी पैनी नजर रखना जरूरी है। कुल मिलाकर, 'छोटू' शेयरों में तेजी की आहट तो है, लेकिन असली मुनाफा वही कमा पाएगा जो धैर्य और सही रिसर्च के साथ बाजार में टिकेगा।