5 अरब स्मार्टफोन यूजर्स पर बड़ा खतरा: AirDrop और Quick Share की इस कमी से हैकर्स लगा सकते हैं सेंध; तुरंत बदलें ये सेटिंग्स
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन यही डिवाइस अब साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं। पूरी दुनिया में एंड्रॉयड (Android) और एप्पल आईफोन (iPhone) यूजर्स को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली रिपोर्ट सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एप्पल के AirDrop और गूगल के Quick Share फीचर में छह बड़ी सुरक्षा खामियां (Vulnerabilities) पाई गई हैं। इस तकनीकी कमी की वजह से दुनिया भर के करीब 5 अरब (5 Billion) से अधिक iPhone, Android, Mac और Windows डिवाइस हैकर्स के रडार पर आ गए हैं।
जर्मनी के वैज्ञानिकों ने खोजीं 6 बड़ी सुरक्षा खामियां
जर्मनी के प्रतिष्ठित CISPA Helmholtz Center for Information Security के सुरक्षा शोधकर्ताओं (Security Researchers) ने एक स्टडी में इन दोनों दिग्गज फाइल-शेयरिंग टेक्नोलॉजी में गंभीर कमियां खोजी हैं।
AirDrop में कमी: एप्पल डिवाइसेज में सबसे बड़ी समस्या 'sharingd' नाम की बैकग्राउंड सर्विस में पाई गई है। यह सर्विस बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह AirDrop के अलावा AirPlay, Universal Clipboard, Continuity Camera और Handoff जैसे प्रीमियम फीचर्स को भी बैकग्राउंड में संचालित करती है।
Quick Share में कमी: एंड्रॉयड और विंडोज डिवाइसेज में मौजूद Quick Share की खामियां सीधे तौर पर Windows और Android के बीच होने वाले वायरलेस फाइल शेयरिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
क्या है हैकर्स का '10-30 मीटर' वाला खतरनाक प्लान?
दरअसल, इन दोनों फीचर्स को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ये यूजर की सहूलियत के लिए आसपास मौजूद सभी डिवाइस को ऑटोमैटिक पहचानते (Discover) रहते हैं। इसके लिए बैकग्राउंड में स्पेशल सिग्नल्स हमेशा एक्टिव रहते हैं।
शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर आपके डिवाइस में AirDrop या Quick Share का Discoverability ऑप्शन 'Everyone' (हर कोई) पर सेट है, तो कोई भी साइबर अपराधी केवल एक वाई-फाई (Wi-Fi) से लैस लैपटॉप लेकर आपसे महज 10 से 30 मीटर की दूरी पर बैठकर आपके फोन में सेंध लगा सकता है और बिना अनुमति के डेटा प्रोसेस कर सकता है।
राहत की बात: कंपनियों ने जारी किए सिक्योरिटी पैच
इस बड़े खतरे के बीच एक राहत भरी खबर भी है। सुरक्षा शोधकर्ताओं ने इन कमियों का खुलासा सार्वजनिक करने से पहले ही इसकी पूरी तकनीकी जानकारी Apple और Google को सौंप दी थी। दोनों टेक दिग्गजों ने तत्परता दिखाते हुए दो बड़ी सुरक्षा खामियों के लिए नए सॉफ्टवेयर अपडेट (Security Patches) जारी कर दिए हैं। वहीं, बाकी बची चार अन्य समस्याओं को ठीक करने के लिए दोनों कंपनियां युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं।
हैकिंग से बचने के लिए तुरंत अपनाएं ये 4 सेफ्टी टिप्स (How to Stay Safe)
जब तक इन सभी कमियों का पूरी तरह से परमानेंट सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन नहीं आ जाता, तब तक आपको अपने कीमती डेटा और प्राइवेसी को बचाने के लिए ये सावधानियां तुरंत बरतनी चाहिए:
'Everyone' सेटिंग को तुरंत बदलें: अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर AirDrop या Quick Share की Discoverability सेटिंग को भूलकर भी 'Everyone' पर न रखें। इसे हमेशा 'Contacts Only' या 'Nobody' (Don't Allow) पर सेट करके रखें।
काम होने के बाद करें बंद: जैसे ही आपका फाइल ट्रांसफर या शेयरिंग का काम पूरा हो जाए, AirDrop, Quick Share और ब्लूटूथ/वाई-फाई को तुरंत बंद कर दें। इन्हें बैकग्राउंड में खुला न छोड़ें।
सॉफ्टवेयर को रखें अप-टू-डेट: अपने iPhone, Android, Mac और Windows ऑपरेटिंग सिस्टम को हमेशा लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट के साथ अपडेट करते रहें। कंपनियों द्वारा भेजे जा रहे पैच को तुरंत इंस्टॉल करें।
अनजान रिक्वेस्ट को करें रिजेक्ट: यदि आप किसी सार्वजनिक जगह (जैसे मेट्रो, कैफे या एयरपोर्ट) पर हैं और आपके फोन पर किसी अनजान डिवाइस से फाइल शेयरिंग या पेयरिंग की रिक्वेस्ट आती है, तो उसे तुरंत डिक्लाइन (Reject) कर दें।