होर्मुज में ईरान की नाकाबंदी का बड़ा असर: भारतीयों के कप से चाय और प्लेट से समोसा गायब, स्वाद पर मंडराया संकट...
India News Live,Digital Desk : सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान द्वारा की गई नाकाबंदी ने सात समंदर पार भारत की रसोई का बजट और जायका दोनों बिगाड़ दिया है। तनावपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बीच इस रास्ते से होने वाली सप्लाई चेन क्या बाधित हुई, भारतीय घरों में सुबह की शुरुआत करने वाली चाय और शाम का साथी समोसा अब विलासिता की वस्तु बनते जा रहे हैं।
रसोई के सामान की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित
ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर लगी पाबंदियों का सीधा असर उन खाद्य वस्तुओं पर पड़ा है, जो भारत इस मार्ग से आयात या निर्यात करता है। चाय की पत्तियों के निर्यात में कमी और मसालों व पाम ऑयल के आयात में आई बाधा ने भारतीय बाजार में हाहाकार मचा दिया है। व्यापारियों का कहना है कि अगर यह नाकाबंदी कुछ दिन और चली, तो चाय की कीमतों में भारी उछाल आना तय है।
क्यों महंगा हो रहा है आपका पसंदीदा समोसा
सिर्फ चाय ही नहीं, मध्यम वर्ग का सबसे पसंदीदा नाश्ता 'समोसा' भी अब इस नाकाबंदी की चपेट में है। दरअसल, समोसा तलने के लिए इस्तेमाल होने वाला खाद्य तेल और उसमें पड़ने वाले कुछ खास मसालों की आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट बाधित होने से कम हो गई है। लागत बढ़ने के कारण स्थानीय हलवाइयों ने या तो समोसे के दाम बढ़ा दिए हैं या फिर उनका आकार छोटा कर दिया है। यह स्थिति आम आदमी की जेब पर सीधा प्रहार कर रही है।
वैश्विक तनाव ने बिगाड़ा स्वाद का गणित
होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर दुनिया का एक बड़ा व्यापारिक हिस्सा गुजरता है। ईरान की इस नाकाबंदी ने न केवल कच्चे तेल की कीमतों को डराया है, बल्कि अब यह सीधे तौर पर आम भारतीयों की थाली तक पहुंच गई है। आयात-निर्यात से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैकल्पिक रास्तों का जल्द प्रबंध नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में चाय की चुस्की और समोसे की बाइट और भी महंगी हो सकती है। फिलहाल, भारत की नजरें वैश्विक कूटनीति पर टिकी हैं ताकि रसोई का यह संकट जल्द दूर हो सके।