सर्राफा बाजार में बड़ी गिरावट: सोना हुआ सस्ता, चांदी के दाम में ₹4500 की भारी टूट

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India News Live,Digital Desk : भारतीय सर्राफा बाजारों में आज, 27 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। लंबे समय से तेजी के दौर से गुजर रहे कीमती धातुओं के दामों में आज आई इस सुस्ती ने निवेशकों और ग्राहकों का ध्यान खींचा है।

आज का ताजा भाव (बिना जीएसटी)

इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, आज सोने के विभिन्न कैरेट के दामों में गिरावट देखी गई:

24 कैरेट गोल्ड: 571 रुपये सस्ता होकर 1,57,040 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला।

23 कैरेट गोल्ड: 569 रुपये की गिरावट के साथ 1,56,411 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है।

22 कैरेट गोल्ड: 523 रुपये गिरकर 1,43,849 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है।

18 कैरेट गोल्ड: 428 रुपये सस्ता होकर 1,17,780 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है।

14 कैरेट गोल्ड: 334 रुपये की गिरावट के साथ 91,868 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।

वहीं, चांदी में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। चांदी का भाव 4,503 रुपये प्रति किलो टूटकर 2,61,710 रुपये पर आ गया है। ध्यान दें कि ये कीमतें बिना जीएसटी (GST) के हैं, इसलिए ज्वेलरी खरीदते समय अंतिम मूल्य अलग हो सकता है।

पीएम मोदी की अपील और सोने की चाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 10 मई 2026 की उस अपील के बाद, जिसमें उन्होंने एक साल तक सोना न खरीदने का आग्रह किया था, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। पीएम की अपील के बाद भी सोने के दामों में लगातार तेजी बनी रही थी। आंकड़ों के अनुसार:

अपील के समय 24 कैरेट सोने का भाव 1,51,078 रुपये था, जो अब 1,57,040 रुपये पर है। यानी इस दौरान सोना लगभग 5,962 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ है।

इसी तरह चांदी भी अपनी रिकॉर्ड ऊंचाइयों के करीब बनी हुई है।

क्यों अलग-अलग शहरों में अलग हैं दाम?

अक्सर ग्राहकों के मन में यह सवाल होता है कि सोने के दाम अलग-अलग शहरों में अलग क्यों होते हैं। इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हैं:

स्थानीय कर (Local Taxes): राज्य के अनुसार लगने वाले विभिन्न टैक्स।

ढुलाई और बीमा: एक स्थान से दूसरे स्थान तक सोने के सुरक्षित परिवहन का खर्च।

स्थानीय मांग: शादियों और त्योहारों के सीजन में मांग बढ़ने पर प्रीमियम बढ़ जाता है।

ज्वैलर्स का मार्जिन: दुकानदारों द्वारा तय किया जाने वाला मेकिंग चार्ज और मार्जिन।

भले ही ग्लोबल स्तर पर बेस प्राइस एक हो, लेकिन हैंडलिंग शुल्क और राज्यवार टैक्स के कारण आपके शहर के अंतिम भाव में मामूली अंतर आ सकता है। बाजार के जानकारों का मानना है कि ग्लोबल फैक्टर्स और भू-राजनीतिक स्थितियों (जैसे ईरान संघर्ष) के कारण आने वाले दिनों में कीमतों में और अधिक अस्थिरता देखी जा सकती है।