LIC में सरकार की विनिवेश तैयारी: 2% हिस्सेदारी बेचने की खबर से बाजार में हलचल

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India News Live,Digital Desk : भारतीय शेयर बाजार में आज LIC (Life Insurance Corporation of India) के शेयरों में भारी दबाव देखने को मिला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार अगले महीने कंपनी में अपनी करीब 2% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। सरकार के इस विनिवेश कदम के जरिए लगभग ₹10,000 करोड़ का फंड जुटाने का लक्ष्य है। इस खबर के सामने आते ही LIC के शेयरों में आज (27 मई 2026) मुनाफावसूली का दौर शुरू हो गया, जिससे शेयर इंट्राडे में करीब 4% तक लुढ़क गए।

क्यों बेच रही है सरकार हिस्सेदारी?

सरकार का यह कदम मुख्य रूप से SEBI के न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों के अनुपालन की दिशा में है। वर्तमान में सरकार के पास LIC की लगभग 96.5% हिस्सेदारी है, जबकि SEBI के नियमों के अनुसार किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में कम से कम 25% पब्लिक शेयरहोल्डिंग अनिवार्य है। LIC को इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 2032 तक की समय सीमा मिली हुई है, और सरकार इसी प्रक्रिया के तहत चरणबद्ध तरीके से अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है।

सौदे की प्रमुख बातें:

संभावित समय: शेयर बिक्री (संभवतः OFS के जरिए) जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में हो सकती है।

लक्ष्य: मुख्य रूप से बड़े संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) को शेयर बेचने की योजना है।

बैंकिंग सलाहकार: इस बड़े सौदे को पूरा करने के लिए सरकार ने गोल्डमैन सैच, BNP Paribas, मोतीलाल ओसवाल और IIFL कैपिटल को जिम्मेदारी सौंपी है।

ऐतिहासिक संदर्भ: साल 2022 में LIC का IPO आया था, जो देश का सबसे बड़ा IPO था। तब सरकार ने 3.5% हिस्सेदारी बेचकर ₹21,000 करोड़ जुटाए थे।

शेयर बाजार पर असर और निवेशकों के लिए सलाह

आज के कारोबार के दौरान, LIC के शेयरों में बिकवाली हावी रही और यह NSE पर ₹825 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि LIC का विशाल ग्राहक आधार और मजबूत ब्रांड वैल्यू इसे लंबे समय के निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाए रखती है। हालांकि, मौजूदा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच बाजार में घबराहट है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार किस मूल्य (Price) पर शेयर ऑफर करती है, यह निवेशकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। बाजार की अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को किसी भी प्रकार की घबराहट भरी बिकवाली (Panic Selling) से बचने और पूरी स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।