सराफा बाजार में महा-क्रैश: चांदी ₹10,500 से अधिक लुढ़की, सोना भी ₹1,800 से ज्यादा हुआ सस्ता; जानें 14 से 24 कैरेट का रेट
नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क): घरेलू सराफा बाजार में आज यानी 23 जून 2026, मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर भारी गिरावट दर्ज की गई है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज चांदी की कीमतों में ₹10,500 प्रति किलो से अधिक का बड़ा क्रैश देखने को मिला है, जबकि 24 कैरेट सोना भी ₹1,876 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है।
सोमवार को आई मामूली तेजी के बाद आज बाजार में आई इस बड़ी गिरावट ने आम उपभोक्ताओं और खरीदारों को बड़ी राहत दी है। आइए जानते हैं आज सराफा बाजार में 14 कैरेट से लेकर 24 कैरेट सोने के ताजा भाव और इस गिरावट की मुख्य वजह।
24 कैरेट से 14 कैरेट सोने का आज का भाव (Gold Price Today)
इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, मंगलवार दोपहर को सोने के अलग-अलग कैरेट के भाव (बिना जीएसटी और मेकिंग चार्ज के) इस प्रकार हैं:
24 कैरेट गोल्ड: आज यह ₹1,876 की गिरावट के साथ ₹1,44,788 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। (सोमवार को इसका रेट ₹1,46,664 था)।
23 कैरेट गोल्ड: आज का ताजा भाव ₹1,44,208 प्रति 10 ग्राम है।
22 कैरेट गोल्ड (ज्वैलरी के लिए): आज का रेट ₹1,32,626 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है।
18 कैरेट गोल्ड: आज बाजार में इसका दाम ₹1,08,591 प्रति 10 ग्राम है।
14 कैरेट गोल्ड: सबसे सस्ते सोने का भाव आज टूटकर ₹84,701 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।
चांदी की कीमतों में भयंकर गिरावट (Silver Price Today)
बुलियन मार्केट में आज चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है।
आज का रेट: 1 किलोग्राम चांदी का भाव आज ₹2,27,235 के स्तर पर आ गया है।
कितनी हुई सस्ती: सोमवार को चांदी का रेट ₹2,37,799 प्रति किलोग्राम था, जिसका मतलब है कि कल के मुकाबले आज चांदी की कीमत में ₹10,564 प्रति किलो की भारी कटौती दर्ज की गई है।
आखिर क्यों कौड़ियों के भाव गिर रहे हैं सोना-चांदी?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण हैं:
1. डॉलर इंडेक्स में जबरदस्त तेजी:
वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में आ रही मजबूती सोने और चांदी के लिए सबसे बड़ा रोड़ा बनी हुई है। डॉलर के मजबूत होने के कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का रुझान सोने से हटकर अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड मार्केट की तरफ बढ़ रहा है, जिससे कीमती धातुओं में भारी बिकवाली (Sell-off) देखी जा रही है।
2. जियोपॉलिटिकल और युद्ध की स्थितियां:
आमतौर पर युद्ध या तनाव की स्थिति में सोने के दाम बढ़ते हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों और वैश्विक समीकरणों के चलते बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया है। जब से हालिया युद्ध की शुरुआत हुई है, सोने-चांदी की कीमतों में ओवरऑल बड़ी गिरावट ही देखने को मिल रही है।
सरकार ने बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी, पीएम मोदी की अपील भी चर्चा में
आपको बता दें कि पिछले दिनों केंद्र सरकार ने देश में सोने-चांदी के बढ़ते आयात को नियंत्रित करने के लिए इस पर लगने वाले इंपोर्ट टैक्स (आयात शुल्क) को 6% से सीधे बढ़ाकर 15% कर दिया था। इसके बावजूद वैश्विक मंदी के कारण घरेलू बाजार में कीमतें लगातार गिर रही हैं।
इसके साथ ही, पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश की अर्थव्यवस्था और घरेलू बाजार को संतुलित रखने के लिए नागरिकों से एक विशेष अपील की थी, जिसमें उन्होंने लोगों को कम से कम आगामी 1 साल तक सोना खरीदने से बचने की सलाह दी थी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस अपील का असर भी घरेलू मांग पर देखने को मिल रहा है।