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May 05 2026 04:19 pm

पोस्ट ऑफिस के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव अब बिना PAN कार्ड नहीं होंगे ये काम, नया फॉर्म भी हुआ जारी

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India News Live, Digital Desk: अगर आपका भी खाता डाकघर (Post Office) में है, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। सरकार ने इनकम टैक्स नियमों में बदलाव करते हुए पोस्ट ऑफिस के लेनदेन से जुड़ी गाइडलाइन्स को और सख्त कर दिया है। 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए 'इनकम टैक्स रूल्स 2026' के तहत अब नकद जमा करने, निकासी करने और खाता खोलने के लिए PAN कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने इसके लिए नए फॉर्म भी जारी किए हैं, जिनकी जानकारी न होने पर आपका काम रुक सकता है।

PAN कार्ड अब हुआ अनिवार्य, इन कामों पर रहेगी नजर

नए नियमों के अनुसार, पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं में निवेश करने वाले हर निवेशक को अब अपना PAN कार्ड देना होगा। डाक विभाग के 'SB ऑर्डर नंबर 02/2026' के मुताबिक, उच्च मूल्य (High Value) वाले लेनदेन के लिए PAN अनिवार्य है। यदि आपके पास PAN कार्ड नहीं है, तो आपको फॉर्म 60 के बजाय अब नया फॉर्म नंबर 97 भरना होगा। इसमें आपको अपनी पहचान, पता और लेनदेन की पूरी जानकारी विस्तार से देनी होगी।

बदल गए पुराने फॉर्म; 15G और 15H की जगह आया नया फॉर्म

डाकघर में TDS (Tax Deducted at Source) से बचने के लिए अब तक इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 15G और 15H को खत्म कर दिया गया है। सरकार ने इन दोनों फॉर्म को मिलाकर अब एक एकल घोषणा पत्र 'फॉर्म नंबर 121' (Form 121) पेश किया है। अब वरिष्ठ नागरिक हों या सामान्य खाताधारक, टैक्स छूट का दावा करने के लिए उन्हें फॉर्म 121 ही भरना होगा। विभाग इन फॉर्म्स को 7 साल तक अपने रिकॉर्ड में सुरक्षित रखेगा।

नकद जमा और निकासी की नई सीमा

इनकम टैक्स रूल 161 के तहत, यदि आप एक वित्तीय वर्ष में 20 लाख रुपये या उससे अधिक का नकद लेनदेन (जमा या निकासी) करते हैं, तो PAN देना पूरी तरह अनिवार्य है। यह नियम बैंकों के साथ-साथ पोस्ट ऑफिस पर भी समान रूप से लागू होता है। इसके अलावा, यदि आप 50,000 रुपये से अधिक की फिक्स्ड डिपॉजिट (Time Deposit) करते हैं, तो भी आपको अपनी जानकारी साझा करनी होगी।

डिजिटल ट्रांजैक्शन और ATM के नियम भी बदले

सिर्फ काउंटर पर लेनदेन ही नहीं, बल्कि पोस्ट ऑफिस के ATM इस्तेमाल करने के नियमों में भी फेरबदल हुआ है। अप्रैल 2026 से फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा खत्म होने के बाद अब 21 रुपये के बजाय 23 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन (प्लस GST) शुल्क देना होगा। साथ ही, अब UPI आधारित ATM निकासी को भी आपकी मंथली फ्री लिमिट में गिना जाएगा। सरकार का लक्ष्य इन बदलावों के जरिए वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाना और टैक्स चोरी को रोकना है।