महंगे पुखराज का दमदार विकल्प है 'केले की जड़', गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए बस करें ये छोटा सा ज्योतिषीय उपाय
India News Live,Digital Desk : रत्न शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को सुख, सौभाग्य, धन और बुद्धि का कारक माना गया है। गुरु ग्रह को बलवान करने के लिए वैसे तो पुखराज (Yellow Sapphire) पहनने की सलाह दी जाती है, लेकिन इसकी अत्यधिक कीमत के कारण हर कोई इसे धारण नहीं कर पाता। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि आपका बजट पुखराज का नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। केले के पेड़ की जड़ पुखराज का एक बेहद सस्ता और चमत्कारी विकल्प है, जो समान रूप से शुभ फल प्रदान करती है।
केले की जड़ का ज्योतिषीय महत्व: क्यों है यह खास?
केले का पेड़ साक्षात भगवान विष्णु और बृहस्पति देव का प्रतीक माना जाता है। जिस तरह पुखराज रत्न गुरु की रश्मियों को शरीर में प्रवाहित करता है, उसी प्रकार केले की जड़ भी बृहस्पति की सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है। यह उन लोगों के लिए रामबाण है जिनकी कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर, नीच का या शत्रु ग्रहों से पीड़ित है।
केले की जड़ धारण करने के बेमिसाल फायदे
विवाह में बाधा: यदि विवाह योग्य युवक-युवतियों की शादी में अकारण देरी हो रही है, तो यह जड़ गुरु को प्रबल कर शीघ्र विवाह के योग बनाती है।
ज्ञान और शिक्षा: विद्यार्थी और शिक्षक इसे धारण कर एकाग्रता और स्मरण शक्ति (Memory Power) बढ़ा सकते हैं।
संतान सुख: बृहस्पति संतान के कारक हैं, अतः इस उपाय से संतान प्राप्ति की बाधाएं दूर होती हैं।
आर्थिक समृद्धि: व्यापार में घाटा या धन की तंगी दूर करने के लिए गुरु का मजबूत होना अनिवार्य है।
केले की जड़ धारण करने की सही विधि
किसी भी रत्न या जड़ का पूर्ण फल तभी मिलता है जब उसे विधि-विधान से पहना जाए:
शुभ दिन: इसे किसी भी गुरुवार के दिन धारण करना सबसे उत्तम है। यदि उस दिन 'पुष्य नक्षत्र' या 'विशाखा नक्षत्र' हो, तो यह और भी प्रभावशाली हो जाता है।
शुद्धिकरण: केले के पेड़ के पास जाकर प्रार्थना करें और उसकी थोड़ी सी जड़ निकाल लें। इसे गंगाजल और कच्चे दूध से धोकर शुद्ध कर लें।
अभिमंत्रण: जड़ को पीले कपड़े या पीले धागे में लपेटें। धारण करने से पहले 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
धारण करने का स्थान: पुरुष और अविवाहित कन्याएं इसे दाहिने हाथ की बाजू या गले में पीले धागे के साथ पहन सकते हैं। विवाहित महिलाएं इसे बाएं हाथ में भी धारण कर सकती हैं।
किन्हें करना चाहिए यह उपाय?
धनु और मीन राशि: इन राशियों के स्वामी स्वयं गुरु हैं, इसलिए इनके लिए यह जड़ अत्यंत शुभ है।
मेष, कर्क और वृश्चिक: इन राशियों के लिए भी गुरु मित्र ग्रह हैं, अतः वे भी इसे धारण कर सकते हैं।
गुरु दोष: जिनकी कुंडली में गुरु चांडाल दोष या अन्य गुरु दोष हैं, उन्हें यह उपाय अवश्य करना चाहिए।
सावधानियां और नियम
जड़ को धारण करने के बाद मांस-मदिरा का सेवन न करें और आचरण सात्विक रखें।
हर गुरुवार को जड़ को धूप-दीप दिखाएं।
यदि जड़ खराब हो जाए या सूख जाए, तो उसे किसी पवित्र नदी या गमले में विसर्जित कर नई जड़ धारण कर लें।
विशेष टिप: यदि आप इसे पहनना नहीं चाहते, तो गुरुवार के दिन केले की जड़ को पीले कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें। इससे घर में बरकत बनी रहती है और फिजूलखर्ची पर लगाम लगती है।