गंगा-यमुना समेत 10 नदियों में मछली पकड़ने पर रोक, प्रजनन काल तक रहेगा प्रतिबंध

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India News Live,Digital Desk : प्रयागराज जनपद में जुलाई और अगस्त के महीनों में मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। गंगा, यमुना समेत कुल 10 नदियों में मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह रोक तत्काल प्रभाव से 31 अगस्त तक जारी रहेगी।

डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ के निर्देश पर एडीएम प्रशासन पूजा मिश्रा ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि इस अवधि में नदियों से मछली निकालना पूरी तरह अवैध माना जाएगा। इसका उद्देश्य नदियों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देना और मछली प्रजातियों की संख्या को संरक्षित करना है।

प्रतिबंधित नदियों में गंगा और यमुना के अलावा टोंस, बेलन, टुड़ियारी, नैना, गोरमा, लपरी, वरुणा और ससुर खदेरी जैसी नदियां शामिल हैं। इन जल स्रोतों से मछली पकड़ते हुए कोई व्यक्ति पकड़ा गया, तो उस पर मुकदमा दर्ज होगा और गिरफ्तारी भी हो सकती है।

इस नियम के पालन को सुनिश्चित करने के लिए मत्स्य विभाग की छह निगरानी टीमें बनाई गई हैं। इसके साथ ही, नदी किनारे बसे गांवों के लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी और स्थानीय पुलिसकर्मियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि प्रयागराज की नदियों से हर महीने लगभग 1400 टन मछली पकड़ी जाती है, जबकि तालाबों से करीब 1200 टन। गंगा की परियासी, हिल्सा, बैकरी, सूती और टेंगार जैसी मछलियों की मांग खास रहती है, वहीं यमुना की गेगरा मछली भी खूब पसंद की जाती है। यहां से मछली पूर्वांचल, बुंदेलखंड, बंगाल और असम तक भेजी जाती है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से भी कुछ विशेष प्रजातियां मंगाई जाती हैं।

प्रशासन का मानना है कि यह कदम न सिर्फ मछलियों की संख्या बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि स्थानीय मछुआरा समुदाय के भविष्य को भी सुरक्षित बनाएगा। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।